दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
दक्षिण अमेरिकी देश वेनेजुएला इतिहास के सबसे भीषण भूगर्भीय संकट से जूझ रहा है। देश के उत्तरी हिस्से में महज 39 सेकंड के अंतराल पर आए दो अत्यंत शक्तिशाली और विनाशकारी भूकंपों ने भारी तबाही मचाई है। रिक्टर स्केल पर 7.2 और 7.5 की तीव्रता वाले इन झटकों ने न सिर्फ राजधानी काराकास को हिलाकर रख दिया, बल्कि इसका असर 1,700 किलोमीटर दूर ब्राजील के अमेजन क्षेत्रों और कोलंबिया तक देखा गया। इस प्राकृतिक आपदा के कारण वेनेजुएला का मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा मलबे में तब्दील हो गया है, जबकि राजधानी के कई पॉश इलाकों में बहुमंजिला इमारतें ताश के पत्तों की तरह ढह गई हैं। प्रशासन ने देश में रेड अलर्ट जारी करते हुए व्यापक स्तर पर बचाव अभियान शुरू कर दिया है।

39 सेकंड में दो बड़े झटके: ‘सिस्मिक डबलेट’ का दुर्लभ प्रकोप
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार, वेनेजुएला में आया यह भूकंप सामान्य श्रेणी का नहीं था, बल्कि यह विज्ञान की दुनिया में ‘सिस्मिक डबलेट’ (Seismic Doublet) कही जाने वाली एक दुर्लभ और बेहद खतरनाक घटना थी। पहला झटका रिक्टर स्केल पर 7.2 की तीव्रता का था, जिसका केंद्र मोरोन से 168 किमी दूर जमीन के भीतर 22 किलोमीटर की गहराई पर था। इसके ठीक 39 सेकंड बाद, जब लोग संभल भी नहीं पाए थे, 7.5 तीव्रता का दूसरा और अधिक मारक झटका आया। दूसरे भूकंप का केंद्र सतह से महज 10 किलोमीटर नीचे था, जिसके चलते जमीन के ऊपरी हिस्से पर इसका बेहद घातक असर पड़ा। वेनेजुएला के 100 साल से भी अधिक के इतिहास में इसे सबसे विनाशकारी भूकंप माना जा रहा है।
जमींदोज हुईं बहुमंजिला इमारतें: मलबे में जिंदगी की तलाश
भूकंप के केंद्र से सैकड़ों किलोमीटर दूर होने के बावजूद राजधानी काराकास में इसके झटके किसी कयामत से कम नहीं थे। काराकास के सबसे व्यस्त और संभ्रांत इलाकों जैसे अल्टामिरा (Altamira), पलोस ग्रांडेस (Palos Grandes) और चाकाओ (Chacao) में दर्जनों आवासीय और व्यावसायिक इमारतें पूरी तरह ढह गईं। कई बहुमंजिला इमारतों की बाहरी दीवारें गिरने से अंदर का नजारा सड़कों से साफ दिखने लगा। चाकाओ के मेयर गुस्तावो डुक ने बताया कि उनके क्षेत्र में कम से कम चार बड़ी इमारतें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जहां से फिलहाल 18 लोगों को सुरक्षित निकाला जा चुका है। पूरे देश में 500 से अधिक मलबे और खोज बचाव विशेषज्ञ (Search and Rescue Teams) आधुनिक उपकरणों के साथ जिंदा बचे लोगों को निकालने में जुटे हैं।
मुख्य हवाई अड्डे पर मची भगदड़: मलबे और धूल से अटा टर्मिनल
भूकंप का सबसे खौफनाक और डरावना मंजर मैकेटिया (Maiquetía) स्थित देश के मुख्य सिमोन बोलिवार इंटरनेशनल एयरपोर्ट (CCS) पर देखने को मिला। झटके इतने तेज थे कि पैसेंजर टर्मिनल की पूरी फॉल्स सीलिंग, कंक्रीट के हिस्से और भारी ओवरहेड साइनबोर्ड टूटकर नीचे यात्रियों पर गिरने लगे। अचानक बिजली गुल हो गई और पूरा एयरपोर्ट सीमेंट की धूल के घने काले गुबार से घिर गया। अपनी जान बचाने के लिए सैकड़ों यात्री सिर पर हाथ रखकर इमरजेंसी गेट्स की तरफ चिल्लाते हुए भागने लगे। देश की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज ने हवाई अड्डे की संरचना को पहुंचे गंभीर नुकसान को देखते हुए इसे पूरी तरह से बंद करने और सभी उड़ानों को तत्काल प्रभाव से रद्द करने की घोषणा की है।
बुनियादी ढांचा ध्वस्त: आग के खतरे के बीच गैस सप्लाई बंद
इस प्राकृतिक आपदा ने वेनेजुएला की पूरी व्यवस्था को पंगु बना दिया है। सड़कों पर बिजली के खंभे, ट्रांसफार्मर और बड़े पेड़ उखड़कर गिर गए हैं, जिससे परिवहन व्यवस्था पूरी तरह ठप हो गई है। मोबाइल नेटवर्क, टेलीफोन लाइनें और इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से क्रैश हो चुकी हैं, जिससे प्रभावित इलाकों से संपर्क साधना मुश्किल हो गया है। मलबे के नीचे दबी पाइपलाइनों से गैस लीक होने और उसके कारण आग लगने की बड़ी दुर्घटनाओं को रोकने के लिए सरकार ने संवेदनशील इलाकों में डायरेक्ट गैस सप्लाई को तुरंत बंद करवा दिया है।
अलर्ट पर देश के अस्पताल: शिक्षण संस्थान अनिश्चितकाल के लिए बंद
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए वेनेजुएला के आंतरिक मंत्री डियोसडाडो कैबेलो ने देश के सभी डॉक्टरों, नर्सों और स्वास्थ्य कर्मियों को तुरंत अपने-अपने अस्पतालों में ड्यूटी पर लौटने के सख्त निर्देश जारी किए हैं। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे आफ्टरशॉक्स (भूकंप के बाद आने वाले छोटे झटके) के खतरे को देखते हुए क्षतिग्रस्त या कमजोर इमारतों के अंदर कदम न रखें और सड़कों को एम्बुलेंस व राहत सामग्री ले जा रहे वाहनों के लिए खाली रखें। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे देश में अगले आदेश तक स्कूलों, कॉलेजों और सभी शिक्षण संस्थानों को बंद कर दिया गया है। पैसिफिक सुनामी वार्निंग सेंटर ने वर्जिन आइलैंड्स और डोमिनिकन रिपब्लिक जैसे तटीय क्षेत्रों के लिए सुनामी की चेतावनी भी जारी की है।