दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
लगातार बढ़ रही बिजली की मांग के बीच शहर में बिजली कटौती अब लोगों के लिए बड़ी परेशानी बनती जा रही है। खास तौर पर इंडस्ट्रियल फीडरों से जुड़े हजारों घरों में रात के समय लंबे कट लगाए जा रहे हैं। हालात ऐसे बन गए हैं कि कई इलाकों में रात 10 बजे से लेकर कभी रात 2 बजे तक तो कभी सुबह 7 बजे तक बिजली बंद रखी जा रही है। इससे आम लोगों के साथ-साथ बुजुर्गों, बच्चों और बीमार मरीजों को सबसे ज्यादा दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
रात की कटौती से लोगों की टूटी नींद
शहर के विभिन्न इलाकों में पिछले कुछ दिनों से रात के समय बिजली सप्लाई लगातार प्रभावित हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि रात में अचानक बिजली बंद होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही और गर्मी के कारण हालात और मुश्किल हो गए हैं। कई परिवार पूरी रात जागकर बिताने को मजबूर हैं।
इंडस्ट्रियल फीडरों पर कार्रवाई, घरों पर असर
जानकारी के अनुसार बिजली विभाग की ओर से इंडस्ट्रियल एरिया से जुड़े फीडरों की सप्लाई बंद की जा रही है। हालांकि इन फीडरों के साथ बड़ी संख्या में रिहायशी इलाके भी जुड़े हुए हैं। अनुमान है कि 50 हजार से अधिक घर इस व्यवस्था से प्रभावित हो रहे हैं। ऐसे में उद्योगों के साथ आम उपभोक्ता भी परेशानी झेल रहे हैं।
मरीजों और बुजुर्गों के लिए बढ़ी चिंता
बिजली कटौती का सबसे ज्यादा असर बुजुर्गों, छोटे बच्चों और गंभीर बीमारियों से जूझ रहे लोगों पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि दिल के मरीज, सांस संबंधी समस्या वाले मरीज और घरों में मेडिकल उपकरणों पर निर्भर लोग लगातार परेशान हैं। रात में पंखे, कूलर और जरूरी उपकरण बंद होने से स्थिति और कठिन हो रही है।
विभाग का जवाब—ऊपर से मिले निर्देश
लोगों का आरोप है कि जब बिजली कटौती को लेकर विभागीय अधिकारियों से संपर्क किया जाता है तो जवाब मिलता है कि यह निर्णय स्थानीय स्तर पर नहीं बल्कि उच्च कार्यालय के निर्देशों के तहत लिया जा रहा है। अधिकारियों की ओर से बताया जा रहा है कि सप्लाई प्रबंधन को लेकर ऊपर से आदेश जारी किए गए हैं।
बढ़ती मांग ने बढ़ाया दबाव
सूत्रों के अनुसार पिछले चार दिनों में बिजली की मांग में करीब 5000 मेगावाट तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बढ़ी हुई मांग को पूरा करने के लिए सप्लाई प्रबंधन में बदलाव किए जा रहे हैं। इसी कारण दिन के समय कुछ घरेलू इलाकों और रात में इंडस्ट्रियल फीडरों की सप्लाई प्रभावित होने की बात सामने आ रही है।
लोगों की मांग—कटौती का तय शेड्यूल जारी हो
स्थानीय निवासियों का कहना है कि यदि बिजली कटौती जरूरी है तो उसका समय पहले से सार्वजनिक किया जाए ताकि लोग अपनी दिनचर्या और जरूरी इंतजाम कर सकें। लोगों ने यह भी मांग उठाई है कि जिन फीडरों से बड़ी संख्या में घर जुड़े हैं, वहां वैकल्पिक व्यवस्था बनाई जाए ताकि आम नागरिकों को राहत मिल सके।
गर्मी और अघोषित कटौती से बढ़ रहा असंतोष
लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती अब लोगों में नाराजगी का कारण बनने लगी है। नागरिकों का कहना है कि यदि आने वाले दिनों में हालात नहीं सुधरे तो लोगों को और बड़ी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। अब सभी की नजर बिजली व्यवस्था को सामान्य करने पर टिकी हुई है।