दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर-अमृतसर नेशनल हाईवे पर स्थित बिधिपुर फ्लाईओवर उस समय चीखों से गूंज उठा, जब गलत दिशा सेआ रही एक अनियंत्रित इनोवा ने सामने जालंधर से ब्यास की ओर जा रही एक स्विफ्ट को टक्कर मार दी। गाड़ियों के बीच हुई यह आमने-सामने की टक्कर इतनी भीषण थी कि गाड़ियों के परखच्चे उड़ गए। इस दर्दनाक हादसे में स्विफ्ट कार में सवार एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई और तीन बच्चे घायल हो गए।

हादसे की शुरुआत तब हुई जब लिधड़ा से दयालपुर रूट पर स्थित आईटीबीपी कैंप फ्लाईओवर के ऊपर इनोवा गाड़ी की रफ्तार इतनी तेज थी कि ब्रेक नहीं लगी और स्विफ्ट कर से टकरा गई। जोरदार टक्कर की आवाज सुनकर आसपास के लोग दहल गए और हाईवे पर गाड़ियों के पहिए थम गए।

अस्पताल ले जाते ही महिला ने तोड़ा दम और पांच लोग हुए गंभीर जख्मी
सड़क सुरक्षा बल (SSF) की टीम को जैसे ही आधुनिक एमडीटी डिवाइस के जरिए सुबह सवा नौ बजे के करीब हादसे का अलर्ट मिला, टीम ने बिना एक पल गंवाए महज चार मिनट के भीतर मौके पर पहुंचकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। एसएसएफ की टीम ने तुरंत एम्बुलेंस बुलाई और स्विफ्ट कार में फंसे लहूलुहान यात्रियों को बाहर निकालकर न्यू ऑर्थो केयर हॉस्पिटल करतारपुर पहुंचाया। अस्पताल में डॉक्टरों ने घायलों को बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन लुधियाना के बिलासपुर की रहने वाली प्रियंका पत्नी सुरिंदर शुक्ला ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, इनोवा कार के घायल चालक नीलम चोपड़ा को उनके परिजन इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। देर शाम को सुरेंद्र शुक्ला की मां यववंती ने भी अस्पताल में दम तोड़ दिया।

लुधियाना के बिलासपुर गांव का रहने वाला है पीड़ित परिवार
इस हादसे का शिकार हुई स्विफ्ट कार में सवार सभी लोग लुधियाना के बिलासपुर इलाके के रहने वाले हैं। कार चला रहे सुरिंदर शुक्ला, अंशिका, अर्पिता और बुजुर्ग महिला यावंती को इस टक्कर में गंभीर चोटें आई थी। चीख-पुकार के बीच घायलों को तड़पता देख हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने भी राहत कार्य में मदद की। इस हादसे ने हंसते-खेलते परिवार को गहरे जख्म दे दिए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर संभाला ट्रैफिक और सुरक्षित सौंपा सामान
हादसे के तुरंत बाद बिधिपुर फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया था। एसएसएफ प्रभारी सब-इंस्पेक्टर सुखपाल सिंह, कांस्टेबल गुरप्रीत सिंह और कांस्टेबल हरप्रीत सिंह ने तुरंत क्रेन बुलवाई और दुर्घटनाग्रस्त गाड़ियों को बीच सड़क से हटाकर किनारे किया, जिससे बंद पड़ा ट्रैफिक दोबारा सुचारू हो सका।

मौके पर पहुंचे थाना करतारपुर के जांच अधिकारी पप्पू गिल को एसएसएफ की टीम ने पीड़ित परिवार के दुर्घटनास्थल पर गिरे दो मोबाइल फोन सुरक्षित ढूंढकर सौंप दिए। पुलिस ने इस पूरे मामले की जानकारी थाना करतारपुर के मुंशी को नोट करवाकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।