दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब कांग्रेस में संगठनात्मक बदलाव को लेकर चल रही खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच जारी मतभेदों के बीच सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थन में खुलकर मोर्चा संभाल लिया है। रंधावा ने सोशल मीडिया पर चन्नी के साथ तस्वीर साझा कर राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। इसे पार्टी के भीतर शक्ति प्रदर्शन और एकजुटता का संदेश देने की कोशिश माना जा रहा है।
बताया जा रहा है कि पंजाब कांग्रेस में हाल के दिनों में संगठनात्मक फैसलों और नेतृत्व को लेकर कई नेता अपनी नाराजगी जता चुके हैं। ऐसे माहौल में रंधावा का चन्नी के पक्ष में सार्वजनिक रूप से सामने आना सियासी संकेतों से भरपूर माना जा रहा है। पार्टी के अंदर विभिन्न गुटों की सक्रियता ने हाईकमान की चिंता भी बढ़ा दी है।
इसी बीच कांग्रेस हाईकमान ने स्थिति को संभालने के लिए पंजाब मामलों के प्रभारी भूपेश बघेल को चंडीगढ़ भेजने का फैसला किया है। सोमवार को उनके दौरे के दौरान वरिष्ठ नेताओं से अलग-अलग मुलाकात करने और संगठन में पैदा हुए मतभेदों को दूर करने की कोशिश की जाएगी। माना जा रहा है कि बघेल पार्टी नेताओं से बातचीत कर आगामी रणनीति और संगठनात्मक तालमेल पर भी चर्चा करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, पार्टी नेतृत्व चाहता है कि विधानसभा चुनावों से पहले किसी भी तरह की गुटबाजी सार्वजनिक रूप से न दिखे। इसलिए हाईकमान लगातार नेताओं के संपर्क में है और सभी को मिलकर काम करने का संदेश दिया जा रहा है। हालांकि, प्रदेश नेतृत्व और संगठन को लेकर चल रही चर्चाओं ने पंजाब कांग्रेस की राजनीति को गर्मा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि आने वाले दिनों में हाईकमान के फैसले और नेताओं के बीच होने वाली बैठकों से यह साफ हो सकेगा कि पार्टी संगठन में आगे क्या बदलाव किए जाते हैं। फिलहाल सभी की नजरें भूपेश बघेल के चंडीगढ़ दौरे और उनकी बैठकों पर टिकी हुई हैं, जिनसे पंजाब कांग्रेस की अंदरूनी स्थिति पर असर पड़ सकता है।