दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने के लिए राज्य में इस समय स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) यानी मतदाता सूची के पुनरीक्षण का काम बड़े स्तर पर चल रहा है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि इस विशेष अभियान के खत्म होने के बाद जिन नागरिकों के नाम पंजाब की आधिकारिक वोटर लिस्ट में दर्ज नहीं मिलेंगे, उन्हें सरकार की मुख्य योजनाओं के दायरे से बाहर कर दिया जाएगा। ऐसे में यदि आपका नाम सूची से कट गया है, पहली बार जुड़वाना है या किसी अन्य प्रदेश से ट्रांसफर करवाना है, तो नियम जानना बेहद जरूरी है।
इन दो बड़ी सरकारी योजनाओं से जुड़ा है आपका वोट
पंजाब में चल रही ‘₹1000 महीना योजना’ के तहत सामान्य (जनरल) श्रेणी की महिलाओं के लिए ₹1000 और अनुसूचित जाति (SC) वर्ग की महिलाओं के लिए ₹1500 की मासिक वित्तीय सहायता दी जा रही है। योजना के शुरुआती चरण में जुलाई से सितंबर तक की तीन महीनों की राशि सीधे लाभार्थियों के बैंक खातों में भेजी जा रही है। इसके साथ ही, ‘मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना’ के अंतर्गत बिना किसी जाति या आमदनी के भेदभाव के, पंजाब के प्रत्येक परिवार को मान्यता प्राप्त निजी और सरकारी अस्पतालों में हर साल ₹10 लाख तक के मुफ्त इलाज की सुविधा दी जा रही है। इन दोनों ही महत्वपूर्ण लाभों को पाने की पहली शर्त पंजाब का वैध मतदाता होना है।
घर बैठे या ऑफलाइन कैसे चेक करें लिस्ट में अपना नाम?
नई मतदाता सूची में अपना स्टेटस जांचने के लिए चुनाव आयोग ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों विकल्प दिए हैं। आप अपने मोबाइल या कंप्यूटर से voters.eci.gov.in पोर्टल पर जा सकते हैं और ‘Search in Electoral Roll’ सेक्शन में जाकर अपना नाम, उम्र और जिला भरकर या पुराने कार्ड का EPIC नंबर डालकर सर्च कर सकते हैं। मोबाइल यूजर्स चुनाव आयोग के आधिकारिक ‘Voter Helpline’ ऐप को डाउनलोड करके बारकोड स्कैनिंग के जरिए भी स्टेटस देख सकते हैं। वहीं, बिना इंटरनेट के जानकारी पाने के लिए अपने फोन से ECI <स्पेस> EPIC नंबर लिखकर 1950 पर एक साधारण एसएमएस (SMS) भेजें या इसी नंबर पर सीधे कॉल करें। इसके अलावा आप अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से मिलकर उनके पास आई प्रिंटेड लिस्ट भी देख सकते हैं।
नया वोटर कार्ड बनवाने के लिए क्या करना होगा?
अगर आपकी उम्र 18 साल हो चुकी है या देश की किसी भी वोटर लिस्ट में आपका नाम पहले से दर्ज नहीं है, तो आपको ‘फॉर्म नंबर 6’ भरना होगा। इसे ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरीकों से भरा जा सकता है। आवेदन के साथ मुख्य रूप से दो डॉक्यूमेंट्स चाहिए—पहला आपकी उम्र का पुख्ता प्रमाण (जैसे 10वीं की मार्कशीट या जन्म प्रमाण पत्र) और दूसरा पंजाब के मौजूदा निवास का प्रमाण (जैसे बिजली बिल या राशन कार्ड)। नए मतदाताओं को फॉर्म में मौजूद ‘डिक्लेरेशन’ कॉलम पर यह घोषणा भी करनी होगी कि उनका वोट देश में कहीं और नहीं बना है। 3 अगस्त को जब वोटर लिस्ट का शुरुआती ड्राफ्ट जारी होगा, तब यह फॉर्म दस्तावेजों के साथ बीएलओ को सौंपना होगा, जिसके बाद अक्टूबर की फाइनल लिस्ट में नाम शामिल कर लिया जाएगा।
दूसरे राज्य से पंजाब में वोट कैसे ट्रांसफर कराएं?
यदि आप पहले उत्तर प्रदेश, बिहार या किसी अन्य राज्य में रहते थे और वहां आपका वोटर कार्ड बना हुआ था, लेकिन अब आप पंजाब के स्थायी निवासी हैं, तो आपको ‘फॉर्म नंबर 8’ का उपयोग करना होगा। इस प्रक्रिया में अपने पुराने राज्य के वोटर आईडी का नंबर बताना और पंजाब के मौजूदा निवास का वैध प्रमाण पत्र (एड्रेस प्रूफ) लगाना सबसे महत्वपूर्ण है, क्योंकि बिना इसके आवेदन रद्द हो सकता है। इस फॉर्म को भी 3 अगस्त को ड्राफ्ट लिस्ट पब्लिश होने के बाद अपने बीएलओ के पास सबमिट करना होगा। इसके बाद पंजाब प्रशासन आंतरिक रूप से वेरिफिकेशन की कागजी कार्रवाई पूरी करेगा, जिसके बाद पुराने राज्य से आपका नाम अपने आप हट जाएगा और पंजाब की अंतिम मतदाता सूची में जोड़ दिया जाएगा।