दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर सेंट्रल विधानसभा हलके में आम आदमी पार्टी की अंदरूनी सियासत एक बार फिर चर्चा में आ गई है। करीब एक साल पहले वापस ली गई विधायक रमन अरोड़ा की सरकारी सुरक्षा दोबारा बहाल होने के बाद राजनीतिक हलकों में इसके मायने निकाले जा रहे हैं। दूसरी तरफ पार्टी के हलका इंचार्ज नितिन कोहली भी लगातार हलके में सक्रिय हैं और वार्ड स्तर पर लोगों से संपर्क, बैठकों और पार्टी गतिविधियों में उनकी मौजूदगी बनी हुई है। ऐसे में सेंट्रल हलके में आप की राजनीति को लेकर दो नामों की सक्रियता खास तौर पर चर्चा का विषय बनी हुई है।
एक तरफ विधायक की सुरक्षा बहाल, दूसरी तरफ हलका इंचार्ज की सक्रियता
रमन अरोड़ा की सुरक्षा मई 2025 में वापस ली गई थी। करीब एक साल बाद 1 मई 2026 को उनकी सुरक्षा फिर बहाल कर दी गई। रिपोर्ट के मुताबिक जालंधर सिटी पुलिस ने उनके अशोक नगर स्थित आवास पर चार पुलिसकर्मियों के साथ सरकारी वाहन तैनात किया था। सुरक्षा बहाली ऐसे समय हुई जब अरोड़ा काफी समय से राजनीतिक गतिविधियों में कम नजर आ रहे थे।
अरोड़ा की वापसी से बदले राजनीतिक समीकरण?
रमन अरोड़ा 2022 के विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी की टिकट पर जालंधर सेंट्रल से विधायक चुने गए थे। उन्होंने कांग्रेस के तत्कालीन विधायक राजिंदर बेरी को महज 247 वोट के अंतर से हराया था। अरोड़ा को 33,011 जबकि बेरी को 32,764 वोट मिले थे।
हालांकि 2025 में उनकी गिरफ्तारी और उसके बाद लंबे समय तक राजनीतिक गतिविधियों से दूरी के दौरान सेंट्रल हलके में पार्टी ने वैकल्पिक संगठनात्मक व्यवस्था पर जोर दिया। इसी दौरान नितिन कोहली को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी मिली और वह लगातार क्षेत्र में पार्टी कार्यक्रमों और लोगों के बीच सक्रिय दिखाई दिए।
नितिन कोहली ने भी नहीं छोड़ी हलके की सक्रियता
नितिन कोहली पिछले करीब डेढ़ साल से जालंधर सेंट्रल में आप की गतिविधियों को आगे बढ़ाने में सक्रिय हैं। पार्टी की ओर से उन्हें हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद उन्होंने वार्ड स्तर पर बैठकों और लोगों से संपर्क बढ़ाया। अप्रैल-मई 2026 में मुख्यमंत्री भगवंत मान के जालंधर दौरे के दौरान भी सेंट्रल हलके की व्यवस्थाओं में कोहली की भूमिका सामने आई थी। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों के साथ उन्होंने कार्यक्रम की सुरक्षा, यातायात और अन्य व्यवस्थाओं की समीक्षा की थी।
अरोड़ा की सुरक्षा बहाली के बाद फिर चर्चा में दोनों नाम
रमन अरोड़ा की सुरक्षा बहाल होने के बाद अब सेंट्रल हलके में यह चर्चा फिर तेज है कि आने वाले समय में पार्टी विधायक की राजनीतिक भूमिका को किस तरह देखती है। दूसरी तरफ नितिन कोहली पहले से ही संगठनात्मक स्तर पर सक्रिय हैं। ऐसे में दोनों नेताओं की मौजूदगी ने सेंट्रल की आप राजनीति को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
2027 से पहले टिकट को लेकर भी नजरें
2027 विधानसभा चुनाव से पहले जालंधर सेंट्रल में आप के संभावित राजनीतिक समीकरणों पर नजर रहेगी। 2022 में अरोड़ा ने यह सीट आप के खाते में डाली थी, जबकि बाद में पार्टी ने कोहली को हलका इंचार्ज की जिम्मेदारी देकर संगठनात्मक गतिविधियों में आगे किया। अब अरोड़ा की सुरक्षा बहाली और राजनीतिक सक्रियता तथा कोहली की लगातार क्षेत्रीय मौजूदगी को देखते हुए पार्टी की आगामी रणनीति पर राजनीतिक नजरें टिक गई हैं।
फिलहाल न तो रमन अरोड़ा की आगामी चुनाव में उम्मीदवारी को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा हुई है और न ही नितिन कोहली को उम्मीदवार घोषित किया गया है। इसलिए दोनों नेताओं की सक्रियता को पार्टी की मौजूदा राजनीतिक गतिविधियों और संगठनात्मक तैयारियों के संदर्भ में ही देखा जा रहा है। सेंट्रल हलके में आने वाले महीनों में आप की तरफ से किस चेहरे को कितनी जिम्मेदारी मिलती है, यह राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण रहेगा।