दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जालंधर शहर में कानून-व्यवस्था को और चुस्त-दुरुस्त करने तथा आपराधिक गतिविधियों पर लगाम कसने के लिए पुलिस कमिश्नरेट ने कड़े कदम उठाए हैं। पुलिस कमिश्नर सतिंदर सिंह की तरफ से दो नए और सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। पहला नियम वाहनों की नंबर प्लेट से जुड़ा है, जबकि दूसरा सार्वजनिक स्थानों पर हथियारों के प्रदर्शन पर रोक लगाता है। इससे पहले इस तरह की सख्ती अमृतसर पुलिस भी लागू कर चुकी है।
इस संबंध में जानकारी देते हुए डीसीपी (कानून व्यवस्था) जसरूप बाठ ने निम्नलिखित बातें साझा कीं:
1. पेट्रोल पंपों के लिए सख्त नियम: बिना सही नंबर प्लेट के फ्यूल नहीं डीसीपी ने बताया कि शहर में अक्सर यह देखने में आता है कि लोग दोपहिया या चौपहिया वाहनों पर बिना नंबर प्लेट, टूटी-फूटी या फर्जी नंबर प्लेट लगाकर घूमते हैं। यह मोटर व्हीकल एक्ट का सीधा उल्लंघन है। इसी को ध्यान में रखते हुए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत पेट्रोल, डीजल और सीएनजी पंप मालिकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे ऐसे किसी भी संदिग्ध या बिना हाई-सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट (HSRP) वाले वाहन को ईंधन न दें। पंप संचालकों को इस नियम का बोर्ड भी अपने परिसर में लगाना होगा।
2. 60 दिनों का सीसीटीवी बैकअप अनिवार्य अपराधियों को ट्रेस करने के मकसद से सभी फ्यूल स्टेशनों को अपने एंट्री, एग्जिट, सड़क की ओर और फ्यूल भरने वाली मशीनों के पास सीसीटीवी कैमरे लगाना जरूरी कर दिया गया है। इन कैमरों की रिकॉर्डिंग कम से कम 2 महीने तक सुरक्षित रखनी होगी। इससे किसी भी वारदात के समय पुलिस को जांच में अहम सुराग मिल सकेंगे। अगर कोई ग्राहक पेट्रोल पंप पर हंगामा करता है, तो तुरंत संबंधित एसएचओ या वरिष्ठ अधिकारियों को सूचित करने को कहा गया है।
3. रेस्टोरेंट और बार बनेंगे ‘फायरआर्म फ्री जोन’ अक्सर देखा गया है कि युवा या लाइसेंसी हथियार रखने वाले लोग कैफे, पब, मैरिज पैलेस या ढाबों में अपना असलहा लेकर पहुंच जाते हैं और टेबल पर रखकर रौब झाड़ते हैं। डीसीपी जसरूप बाठ ने स्पष्ट किया कि आर्म्स एक्ट के तहत ऐसा करना पूरी तरह गैरकानूनी है।
4. बाहर लगाना होगा ‘नो वेपन्स अलाउड’ का बोर्ड पुलिस ने सभी होटल, बार और कैफे मालिकों से कहा है कि वे अपने प्रतिष्ठानों को पुलिस कमिश्नरेट के पास ‘फायरआर्म फ्री जोन’ के रूप में पंजीकृत करवाएं। रजिस्ट्रेशन के बाद उन्हें अपनी जगह के बाहर स्पष्ट शब्दों में एक बोर्ड टांगना होगा कि “यहाँ हथियार लाना सख्त मना है।” इस नियम के लागू होने के बाद अंदर कोई भी व्यक्ति (चाहे उसके पास लाइसेंस ही क्यों न हो) हथियार नहीं ले जा सकेगा।
अगर कोई व्यक्ति इन नियमों को तोड़ने की कोशिश करता है या विवाद खड़ा करता है, तो संचालकों को तुरंत पुलिस बुलानी होगी। ऐसे लोगों के खिलाफ आर्म्स एक्ट और बीएनएस (BNS) के तहत केस दर्ज किया जाएगा और उनके हथियारों के लाइसेंस की भी बारीकी से जांच होगी।