दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
झारखंड के चतरा में 23 फरवरी 2026 को हुए दर्दनाक एयर एंबुलेंस हादसे को लेकर अब नई जानकारी सामने आई है। Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि दुर्घटनाग्रस्त विमान का इमरजेंसी लोकेशन ट्रांसमीटर (ELT) सक्रिय नहीं हो पाया था, जिससे रेस्क्यू ऑपरेशन भी प्रभावित हुआ।
रांची से दिल्ली जा रही फ्लाइट 17 मिनट में हुई दुर्घटनाग्रस्त
करीब 40 साल पुराना Beechcraft C90A विमान, जिसे एयर एंबुलेंस के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा था, ने रांची एयरपोर्ट से शाम 7:07 बजे उड़ान भरी थी। महज 17 मिनट बाद, 7:24 बजे यह चतरा जिले के सिमरिया के पास जंगल में क्रैश हो गया।
हादसे में 7 लोगों की गई जान
इस विमान में दो पायलट, दो डॉक्टर, एक मरीज और उसके साथ दो परिजन सवार थे। हादसा इतना भयानक था कि सभी सात लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और विमान पूरी तरह तबाह हो गया।
मौसम भी बना हादसे की वजह
स्थानीय प्रशासन के अनुसार, दुर्घटना के समय इलाके में खराब मौसम और आंधी-तूफान की स्थिति थी, जिसे हादसे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
DGCA और AAIB कर रहे हैं जांच
यह एयर एंबुलेंस Redbird Airways Private Limited द्वारा संचालित की जा रही थी। मामले की जांच Directorate General of Civil Aviation (DGCA) और AAIB संयुक्त रूप से कर रहे हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में तकनीकी खामी की ओर इशारा किया गया है, जबकि विस्तृत जांच अभी जारी है।
पहचान हुई मृतकों की
मृतकों में दोनों पायलट, चिकित्सा कर्मी और मरीज समेत सभी यात्रियों की पहचान कर ली गई है। प्रशासन ने हादसे के बाद राहत और जांच कार्य तेजी से शुरू किया था।
निष्कर्ष
AAIB की शुरुआती रिपोर्ट ने यह साफ कर दिया है कि सुरक्षा उपकरण की विफलता इस हादसे में एक अहम कड़ी हो सकती है। हालांकि, अंतिम रिपोर्ट आने के बाद ही दुर्घटना के सटीक कारणों की पूरी तस्वीर सामने आएगी।