दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
नगर निगम की हाउस बैठक में वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 569.40 करोड़ रुपये का बजट पारित कर दिया गया। यह बजट पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के मुकाबले अधिक है। पिछले साल नगर निगम का बजट करीब 520 करोड़ रुपये के आसपास था, जबकि इस बार इसमें उल्लेखनीय बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
बजट पेश होते ही हाउस में माहौल गरमा गया और विपक्षी पार्षदों ने प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए विरोध शुरू कर दिया। उनका कहना था कि बजट पेश करने से पहले शून्य काल में जनहित के मुद्दों पर चर्चा होनी चाहिए थी, लेकिन उनकी मांग को दरकिनार कर सीधे बजट पेश किया गया।
ये रहे प्रमुख मुद्दे, जिन पर हुआ हंगामा:
- शहर में खराब सड़कों और गड्ढों की समस्या
- सीवरेज व्यवस्था की बिगड़ी हालत
- पेयजल सप्लाई में अनियमितता
- सफाई व्यवस्था और कूड़ा प्रबंधन
- स्ट्रीट लाइटों की खराब स्थिति
- अवैध कब्जों और अतिक्रमण का मुद्दा
विपक्षी पार्षदों ने आरोप लगाया कि इन अहम मुद्दों पर चर्चा का मौका नहीं दिया गया और उनकी आवाज को दबाया गया। इस दौरान हाउस में जमकर नारेबाजी हुई और कुछ समय के लिए कार्यवाही बाधित भी रही।
मेयर ने अपने संबोधन में कहा कि नगर निगम की आय में सुधार हुआ है, जिसके चलते इस बार बजट का आकार बढ़ाया गया है। उन्होंने बताया कि विकास कार्यों के लिए करीब 200 करोड़ रुपये का प्रावधान रखा गया है, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत किया जाएगा।
हंगामे के बीच नगर निगम प्रशासन ने तेजी दिखाते हुए बजट को पारित कर दिया, जिस पर विपक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई और इसे लोकतांत्रिक परंपराओं के खिलाफ बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद शहर की राजनीति गरमा गई है और आने वाले समय में इस मुद्दे पर और घमासान होने के संकेत मिल रहे हैं।