आईपीएल 2026 के दौरान हिंदी कमेंट्री को लेकर उठा विवाद अब बड़ा रूप ले चुका है। भारत के पूर्व दिग्गज स्पिनर Harbhajan Singh, जिन्हें क्रिकेट जगत में भज्जी के नाम से जाना जाता है, इन दिनों सोशल मीडिया पर आलोचनाओं के घेरे में हैं। मामला उनके द्वारा ट्रोलर्स को दिए गए तीखे जवाबों से जुड़ा है, जिसने बहस को और भड़का दिया है।
हिंदी कमेंट्री के स्तर पर उठे सवाल
इस सीजन में Indian Premier League 2026 के हिंदी कमेंट्री पैनल में Virender Sehwag और Navjot Singh Sidhu के साथ हरभजन सिंह भी शामिल हैं।
28 और 29 मार्च को खेले गए मुकाबलों के बाद सोशल मीडिया पर दर्शकों ने हिंदी कमेंट्री की गुणवत्ता पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। फैंस का कहना है कि कमेंटेटर तकनीकी विश्लेषण के बजाय शायरी, चुटकुलों और हल्की-फुल्की बातों में ज्यादा उलझे रहते हैं, जिससे मैच की गंभीरता कम हो जाती है।
तीन जोकर’ वाली टिप्पणी से भड़का मामला
विवाद उस समय और बढ़ गया जब एक यूजर ने कमेंट्री पैनल की तस्वीर साझा करते हुए उन्हें “तीन जोकर” कह दिया। कई यूजर्स ने तुलना करते हुए कहा कि अंग्रेजी कमेंट्री में Ian Bishop जैसे विशेषज्ञ खेल की गहराई समझाते हैं, जबकि हिंदी कमेंट्री मनोरंजन तक सीमित रह गई है।
हरभजन का पलटवार बना विवाद की वजह
इन टिप्पणियों पर हरभजन सिंह ने जवाब देते हुए लिखा—
“हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।”
उनका यह जवाब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और आलोचना और तेज हो गई। कई यूजर्स ने इसे अहंकारी प्रतिक्रिया बताया और उन्हें कमेंट्री पैनल से हटाने की मांग शुरू कर दी।
ट्रोल्स के साथ जुबानी जंग
मामला यहीं नहीं रुका। एक यूजर ने MS Dhoni का नाम लेते हुए हरभजन पर कटाक्ष किया। इसके जवाब में भज्जी ने तीखी भाषा का इस्तेमाल करते हुए ट्रोल को जवाब दिया और गुमनाम अकाउंट्स पर भी निशाना साधा।
इस तरह की प्रतिक्रियाओं से विवाद और गहरा गया, क्योंकि लोगों का मानना है कि एक पूर्व अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी और राज्यसभा सांसद को इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करना चाहिए।
पुराने विवाद भी आए सामने
इस विवाद के बीच सोशल मीडिया पर हरभजन सिंह के पुराने मामले भी फिर चर्चा में आ गए। पिछले आईपीएल सीजन में Jofra Archer को लेकर की गई उनकी टिप्पणी और Ravichandran Ashwin व धोनी के प्रशंसकों द्वारा लगाए गए पक्षपात के आरोप भी दोबारा उठाए जा रहे हैं।
क्या कमेंट्री पैनल में होगा बदलाव?
फिलहाल Star Sports या JioCinema की ओर से हरभजन सिंह को हटाने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। हालांकि सूत्रों के मुताबिक Board of Control for Cricket in India और ब्रॉडकास्टिंग टीम इस पूरे विवाद पर नजर बनाए हुए हैं।
आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर कोई बड़ा फैसला लिया जा सकता है।
आईपीएल जैसे बड़े मंच पर कमेंट्री सिर्फ मनोरंजन नहीं बल्कि खेल की समझ भी देती है। ऐसे में कमेंटेटर्स की भाषा और व्यवहार दोनों ही महत्वपूर्ण होते हैं। हरभजन सिंह का यह विवाद अब सिर्फ एक जवाब तक सीमित नहीं रहा, बल्कि हिंदी कमेंट्री की गुणवत्ता और प्रोफेशनलिज्म पर भी सवाल खड़े कर रहा है।