दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर (सतपाल शर्मा)
ईरान से जुड़े तनाव और वैश्विक हालात के बीच एलपीजी सप्लाई पर असर पड़ने की आशंका के बीच केंद्र सरकार ने हालात संभालने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने जहां आम जनता से एलपीजी की जगह पीएनजी अपनाने की अपील की है, वहीं प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत देते हुए गैस सप्लाई दोगुनी कर दी है।
प्रवासी मजदूरों के लिए राहत
सरकार ने 5 किलो के फ्री ट्रेड एलपीजी (FTL) सिलेंडरों की सप्लाई को दोगुना करने का फैसला लिया है। अब हर राज्य में इन छोटे सिलेंडरों की रोजाना उपलब्धता बढ़ाई जाएगी। यह अतिरिक्त सिलेंडर राज्य सरकारों के फूड और सिविल सप्लाई विभाग के माध्यम से, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों (OMCs) की मदद से सीधे प्रवासी मजदूरों तक पहुंचाए जाएंगे।
सरकार ने क्यों लिया फैसला?
सरकार का कहना है कि इस कदम का उद्देश्य प्रवासी मजदूरों को आसानी से खाना पकाने का ईंधन उपलब्ध कराना है। उम्मीद है कि इससे 5 किलो FTL सिलेंडरों की दैनिक बिक्री 1 लाख यूनिट से अधिक पहुंच जाएगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, 23 मार्च से अब तक करीब 6.6 लाख सिलेंडर बेचे जा चुके हैं।
FTL सिलेंडर क्या है?
5 किलो के ये छोटे सिलेंडर बाजार कीमत पर मिलते हैं और इन्हें लेने के लिए पते के प्रमाण की जरूरत नहीं होती। यही कारण है कि यह प्रवासी मजदूरों के लिए बेहद सुविधाजनक विकल्प माना जाता है।
सप्लाई को लेकर सरकार का दावा
पेट्रोलियम मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश में एलपीजी की कोई कमी नहीं है। एक दिन में 51 लाख से ज्यादा घरेलू सिलेंडरों की डिलीवरी की गई, जिसमें लगभग 95% बुकिंग ऑनलाइन माध्यम से पूरी हुई।
जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्ती
सरकार ने जमाखोरी और कालाबाजारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई भी शुरू कर दी है।
- 50,000 से ज्यादा सिलेंडर जब्त
- 1,400 से अधिक नोटिस जारी
- 36 गैस एजेंसियों की डीलरशिप निलंबित
PNG अपनाने की अपील
सरकार ने शहरी इलाकों में रहने वाले लोगों से अपील की है कि जहां संभव हो, एलपीजी की जगह पाइप्ड नेचुरल गैस (PNG) का इस्तेमाल करें, ताकि एलपीजी पर दबाव कम किया जा सके।
इस बीच सरकार का कहना है कि आम जनता को घबराने की जरूरत नहीं है और सप्लाई को सुचारु बनाए रखने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।