दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही मुहिम के तहत विजिलेंस ब्यूरो ने मार्च महीने के दौरान कड़ा रुख अपनाते हुए कई अहम कार्रवाईयों को अंजाम दिया। इस दौरान अलग-अलग ट्रैप ऑपरेशनों में सरकारी अधिकारियों समेत कुल 10 लोगों को रिश्वत लेते हुए मौके पर ही गिरफ्तार किया गया।
⚡ ट्रैप मामलों में अधिकारी और निजी व्यक्ति भी शामिल
विजिलेंस की टीम ने योजनाबद्ध तरीके से जाल बिछाकर 9 अलग-अलग मामलों में कार्रवाई की। इन मामलों में 9 सरकारी कर्मचारी और एक निजी व्यक्ति को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया, जिससे विभाग की सक्रियता साफ नजर आती है।
📄 अदालतों में पेश हुए कई केस, जांच भी तेज
ब्यूरो ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए विभिन्न अदालतों में 19 मामलों से जुड़े आरोपपत्र दाखिल किए हैं। इसके अलावा भ्रष्टाचार की जड़ों तक पहुंचने के लिए 2 नई जांचें भी शुरू की गई हैं। एक मामले में एक अधिकारी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति रखने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।
👥 34 आरोपियों पर केस, ज्यादातर सरकारी कर्मचारी
मार्च के दौरान कुल 4 नए आपराधिक मामले दर्ज किए गए, जिनमें 34 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें से 26 सरकारी कर्मचारी हैं, जो अलग-अलग विभागों से जुड़े हुए हैं।
⚖️ अदालत का फैसला: दोषियों को जेल और जुर्माना
विजिलेंस द्वारा अदालतों में लड़े गए मामलों में भी सख्ती देखने को मिली। बीते महीने 4 मामलों में फैसला सुनाया गया, जिसमें 5 आरोपियों को दोषी करार दिया गया। कोर्ट ने इन्हें 4 से 5 साल तक की सजा के साथ-साथ 5 हजार से 30 हजार रुपये तक का जुर्माना भी लगाया।
📢 भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान रहेगा जारी
विजिलेंस विभाग ने स्पष्ट किया है कि राज्य में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए इस तरह की कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी। आम जनता से भी अपील की गई है कि वे किसी भी तरह की रिश्वतखोरी की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।