दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में विभिन्न मांगों को लेकर रेलवे ट्रैक पर उतरे किसानों ने करीब छह घंटे बाद अपना रेल रोको आंदोलन समाप्त कर दिया। प्रशासन के साथ हुई बातचीत के बाद 24 सितंबर को चंडीगढ़ में कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां के साथ बैठक तय होने पर किसानों ने धरना हटाने का फैसला लिया।
पांच जगहों पर रेलवे ट्रैक पर बैठे किसान
किसान-मजदूर मोर्चा से जुड़े प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में रेलवे यातायात प्रभावित किया। अमृतसर के देवीदासपुरा, पठानकोट के चाखू लड़ी, मोगा के डगरू, फिरोजपुर के मल्लांवाला और संगरूर के सुनाम में किसानों ने रेलवे ट्रैक पर बैठकर प्रदर्शन किया। इसके कारण करीब 20 ट्रेनों की आवाजाही प्रभावित हुई और यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
अमृतसर में प्रशासन और किसान नेताओं की वार्ता
अमृतसर में वडाला गांव के नजदीक प्रशासनिक अधिकारियों और किसान नेताओं के बीच कई दौर की बातचीत हुई। करीब तीन घंटे चली वार्ता में किसान पक्ष की ओर से सरवन सिंह पंधेर, बाबा गुरबचन सिंह चब्बा और सतनाम सिंह मनोचाहल समेत प्रतिनिधि शामिल हुए। प्रशासन की ओर से आईजी बॉर्डर रेंज गुरप्रीत सिंह भुल्लर, उपायुक्त दलविंदर सिंह और एसएसपी कंवलजीत सिंह सहित अधिकारी मौजूद रहे।
परिवारों को मुआवजे का आश्वासन
बातचीत के दौरान प्रशासन की ओर से कर्ज के चलते आत्महत्या करने वाले पात्र किसानों के परिवारों को तीन लाख रुपये तथा खेत मजदूरों के परिवारों को दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया गया। यह सहायता एक महीने के भीतर उपलब्ध करवाने की बात कही गई है।
पुराने मामलों पर भी चर्चा
किसानों के पिछले आंदोलनों के दौरान जान गंवाने वाले किसानों और मजदूरों के परिवारों से जुड़े लंबित मामलों को भी बातचीत में उठाया गया। इनमें सरकारी नौकरी और मुआवजे से संबंधित मामलों को आगे बढ़ाने का आश्वासन दिया गया।
24 सितंबर को होगी अगली बैठक
किसानों की प्रमुख मांगों पर अब 24 सितंबर को चंडीगढ़ में कृषि मंत्री के साथ बैठक होगी। किसान फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य की कानूनी गारंटी, किसानों व खेत मजदूरों की कर्जमाफी, भूमि पूलिंग नीति को वापस लेने और आंदोलन से जुड़े पुलिस व रेलवे मामलों को खत्म करने समेत कई मांगें उठा रहे हैं। इस बैठक के बाद किसान संगठन अपनी आगे की रणनीति तय करेंगे।