दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
चंडीगढ़ के सेक्टर-46 में हथियार के बल पर कार छीनने के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। हरियाणा के पलवल जिले में आरोपियों को पकड़ने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान पुलिस और बदमाशों के बीच गोलीबारी हुई। इस दौरान दो आरोपियों के पैरों में गोलियां लगीं, जबकि उनके दो अन्य साथियों को भी पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। चारों आरोपी पंजाब के पटियाला जिले के बरवाला इलाके से संबंधित बताए जा रहे हैं।
संदिग्ध कार की तलाश के दौरान कार्रवाई
पुलिस के मुताबिक, केएमपी एक्सप्रेसवे के आसपास एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार दिखाई देने की सूचना मिली थी। कार में सवार लोग एक्सप्रेसवे से उतरकर नेशनल हाईवे-19 पर मथुरा से दिल्ली की ओर बढ़ रहे थे। सूचना मिलने के बाद पलवल क्राइम ब्रांच की टीम ने वाहन का पीछा करना शुरू कर दिया।
जंगल की तरफ भागे आरोपी
पुलिस टीम को पीछे आता देख कार सवार बदमाशों ने गदपुरी थाना क्षेत्र के पृथला गांव के नजदीक छपरौला के जंगल की ओर रास्ता बदल लिया। पुलिस के अनुसार, घिरने का अंदेशा होने पर आरोपियों ने छिपकर पुलिस टीम पर गोलियां चलाईं। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें दो आरोपी पैरों में गोली लगने से घायल हो गए। पुलिस ने चारों को पकड़ लिया। घायल आरोपियों को उपचार के लिए पलवल के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया।
पटियाला के बरवाला इलाके से जुड़े हैं आरोपी
पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान लकी, रोशन आचार्य, सन्नी और खुशप्रीत के रूप में बताई है। लकी हाथी नगला, बरवाला का निवासी बताया गया है। रोशन आचार्य मूल रूप से नेपाल के नौरंगढ़ का रहने वाला है और फिलहाल बरवाला में रह रहा था। पुलिस के अनुसार, रोशन के खिलाफ पंजाब में एनडीपीएस एक्ट और मारपीट से जुड़े करीब छह मामले दर्ज हैं। बाकी आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
दुकान के बाहर से हथियार दिखाकर छीनी थी कार
मामला चंडीगढ़ के सेक्टर-46 का है, जहां बुड़ैल निवासी मोहन अंडे, ब्रेड और दूध की दुकान चलाते हैं। शिकायत के मुताबिक, गुरुवार रात करीब 11:15 बजे वह अपनी स्विफ्ट डिजायर कार में सामान रख रहे थे। इसी दौरान दो युवक उनके पास पहुंचे। एक ने पिस्तौल दिखाकर उन्हें डराया, जबकि दूसरा कार की ड्राइविंग सीट पर बैठ गया। इससे पहले कि मोहन कुछ कर पाते, दोनों कार लेकर फरार हो गए।
दुकानदार ने किया पीछा, पुलिस व्यवस्था पर भी उठाए सवाल
वारदात के बाद मोहन ने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन अंधेरे का फायदा उठाकर आरोपी भाग निकले। शिकायतकर्ता ने यह भी आरोप लगाया था कि घटना के समय घटनास्थल के सामने बने पुलिस बीट बॉक्स पर कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था और वहां ताला लगा हुआ था। इस शिकायत के बाद मामले ने सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल खड़े किए।
पहले बरामद हुई कार, अब चारों आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने शुक्रवार देर रात लूटी गई कार को जीरकपुर से बरामद कर लिया था। इसके बाद आरोपियों की तलाश जारी रही। पलवल में हुई कार्रवाई के दौरान चारों को गिरफ्तार कर लिया गया। अब पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर वारदात में उनकी भूमिका, हथियारों के स्रोत और अन्य संभावित आपराधिक घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है।