पुनर सुरजीत अकाली दल को रजिस्टर नहीं करवा पाने की बात स्वीकारी, 106 साल पुरानी मां पार्टी को मजबूत करने की कही बात; अकाली-भाजपा गठबंधन की भी वकालत की
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले शिरोमणि अकाली दल की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (एसजीपीसी) अध्यक्ष बीबी जागीर कौर की सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले शिरोमणि अकाली दल में वापसी की चर्चाएं तेज हो गई हैं। उन्होंने हाल ही में एक सोशल मीडिया चैनल को दिए इंटरव्यू में अपनी वापसी के संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि शिरोमणि अकाली दल उनकी मां पार्टी है और इसे मजबूत करने की जरूरत है।
पुनर सुरजीत अकाली दल बनाने का मिशन पूरा नहीं हुआ
बीबी जागीर कौर ने इंटरव्यू में स्वीकार किया कि जिस उद्देश्य के साथ पुनर सुरजीत अकाली दल की शुरुआत की गई थी, उसे पूरा नहीं किया जा सका। उन्होंने यह भी कहा कि इस संगठन का पंजीकरण तक नहीं हो पाया। उनके मुताबिक, अब जरूरत इस बात की है कि 106 साल पुरानी शिरोमणि अकाली दल को मजबूत किया जाए। उन्होंने कहा कि वह खुद को आज भी अकाली मानती हैं और उन्होंने कभी व्यक्तिगत रूप से अकाली दल नहीं छोड़ा।
सुखबीर बादल से बातचीत में सुलझ सकते हैं मतभेद
अकाली दल में वापसी को लेकर पूछे गए सवाल पर बीबी जागीर कौर ने कहा कि अगर वह सुखबीर सिंह बादल के साथ बैठकर बातचीत करती हैं तो पुराने मतभेद सुलझ सकते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच दूरी बनाए रखने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। बातचीत के जरिए रास्ता निकाला जा सकता है। उनके इस बयान के बाद अकाली राजनीति में उनकी घर वापसी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
अकाली-भाजपा गठबंधन की भी की वकालत
बीबी जागीर कौर ने केवल अकाली दल में वापसी के संकेत ही नहीं दिए, बल्कि अकाली दल और भारतीय जनता पार्टी के बीच दोबारा गठबंधन की भी वकालत की। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के कार्यकाल का उदाहरण देते हुए कहा कि केंद्र से विभिन्न योजनाओं के तहत पंजाब के लिए फंड हासिल करने के लिए अधिकारियों की ड्यूटियां लगाई जाती थीं। उनके मुताबिक, दोनों पार्टियों के बीच गठबंधन होने से पंजाब में मजबूत सरकार बनाने में मदद मिल सकती है।
चंदूमाजरा की वापसी के बाद बढ़ी राजनीतिक हलचल
गौरतलब है कि पूर्व सांसद प्रो. प्रेम सिंह चंदूमाजरा भी पुनर सुरजीत अकाली दल से अलग होकर सुखबीर सिंह बादल के नेतृत्व वाले अकाली दल में लौट चुके हैं। इसके बाद बीबी जागीर कौर के भी वापसी के संकेत देने से अकाली दल के अलग-अलग धड़ों में एकजुटता की चर्चाएं तेज हो गई हैं। हालांकि, बीबी जागीर कौर की औपचारिक वापसी और सुखबीर सिंह बादल के साथ बातचीत को लेकर अंतिम घोषणा होना अभी बाकी है।