दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र सोमवार से शुरू हो रहा है। सत्र के पहले दिन सरकार राजधानी का आर्थिक सर्वेक्षण पेश करेगी, जिसमें बीते साल के विकास कार्यों, आय-व्यय, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन और बुनियादी ढांचे की स्थिति का पूरा लेखा-जोखा सामने रखा जाएगा। इसके अगले दिन बजट पेश किए जाने की संभावना है, जिसमें नई योजनाओं और विभिन्न वर्गों के लिए बड़े ऐलान हो सकते हैं।
इस बार बजट को खास माना जा रहा है क्योंकि भारतीय जनता पार्टी सरकार का यह अहम वित्तीय दस्तावेज होगा। लंबे समय बाद सत्ता में वापसी के बाद सरकार की प्राथमिकताएं इस बजट से साफ होंगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता पहले ही अलग-अलग वर्गों—जैसे व्यापारी, किसान, महिलाएं और गिग वर्कर्स—से सुझाव ले चुकी हैं।
सत्र के दौरान सदन में तीखी बहस के आसार भी हैं। आम आदमी पार्टी और सत्ता पक्ष के बीच कई मुद्दों पर टकराव हो सकता है। खासकर, नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (CAG) की रिपोर्टों को लेकर विवाद बढ़ सकता है, जिनमें पिछली सरकार के कामकाज पर सवाल उठाए जाने की संभावना है। इसके अलावा आबकारी मामले और अन्य विवादित मुद्दों पर भी हंगामा होने की उम्मीद है।
राजनीतिक गर्मी के बीच सदन की कार्यवाही को आधुनिक बनाने की दिशा में भी कदम उठाए गए हैं। इस बार विधायकों की मदद के लिए “विधान साथी” नाम का डिजिटल चैटबॉट शुरू किया गया है, जिससे वे जरूरी जानकारी तुरंत हासिल कर सकेंगे।
वहीं, सत्र की शुरुआत एक नई परंपरा के साथ होगी। बजट से पहले “खीर सेरेमनी” का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुख्यमंत्री और मंत्री शामिल होंगे। इसे शुभ शुरुआत का प्रतीक माना जा रहा है।
कुल मिलाकर, दिल्ली का यह बजट सत्र विकास योजनाओं के साथ-साथ सियासी टकराव के लिए भी अहम रहने वाला है।