दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
नई दिल्ली: मिडिल ईस्ट में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब आम यात्रियों की जेब पर पड़ने वाला है। ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है, जिससे 1 अप्रैल से हवाई किराए बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
ATF महंगा, टिकट भी होंगे महंगे
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने संकेत दिए हैं कि एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में हर महीने की पहली तारीख को संशोधन होता है। ऐसे में 1 अप्रैल से ATF महंगा हो सकता है, जिसका सीधा असर हवाई टिकटों पर पड़ेगा।
एयरलाइंस पर बढ़ा आर्थिक दबाव
सरकार ने माना है कि एयरलाइंस कंपनियां पहले से ही आर्थिक दबाव झेल रही हैं। ईंधन किसी भी एयरलाइन की कुल लागत का बड़ा हिस्सा होता है, इसलिए कीमत बढ़ने पर किराया बढ़ाना कंपनियों के लिए मजबूरी बन जाता है। हालांकि सरकार एयरलाइंस के साथ लगातार बातचीत कर रही है ताकि यात्रियों पर अचानक बोझ न पड़े।
कंपनियों ने शुरू किया फ्यूल सरचार्ज
बढ़ती लागत को देखते हुए Air India और Akasa Air जैसी कंपनियां पहले ही फ्यूल सरचार्ज लागू कर चुकी हैं। वहीं IndiGo ने दूरी के आधार पर 425 से 2300 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क जोड़ा है, जबकि अकासा एयर उड़ान की अवधि के हिसाब से 199 से 1300 रुपये तक का चार्ज ले रही है।
सरकार का भरोसा—अचानक नहीं बढ़ेंगे किराए
सरकार का कहना है कि वह यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि टिकट की कीमतों में अचानक बड़ा उछाल न आए। प्राथमिकता सुरक्षित और सुचारू उड़ान संचालन बनाए रखने की है।
क्या पड़ेगा यात्रियों पर असर?
आने वाले समय में यात्रियों को फ्लाइट टिकट के लिए ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। खासतौर पर घरेलू और अंतरराष्ट्रीय दोनों रूट्स पर किराए धीरे-धीरे बढ़ सकते हैं, जिससे यात्रा बजट प्रभावित होगा।