दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
ईरान के भीतर अंजाम दिए गए एक बेहद साहसी रेस्क्यू ऑपरेशन को लेकर अमेरिका आज बड़ा खुलासा करने जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump भारतीय समयानुसार रात 10:30 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस मिशन की पूरी कहानी दुनिया के सामने रखेंगे। बताया जा रहा है कि यह ऑपरेशन एक घायल अमेरिकी पायलट को दुश्मन इलाके से सुरक्षित निकालने के लिए चलाया गया था।
घायल पायलट ने पहाड़ों में छिपकर भेजी लोकेशन
सूत्रों के मुताबिक, पायलट का विमान ईरान में गिरने के बाद वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। सिर में चोट के बावजूद उसने हिम्मत नहीं हारी और पकड़े जाने से बचने के लिए ऊंचे इलाके की ओर बढ़ गया।
बताया जा रहा है कि पायलट करीब 10-12 किलोमीटर पैदल चला और एक दरार (क्रेविस) में छिप गया। वहीं से उसने अपने सटीक कॉर्डिनेट्स अमेरिकी सेना को भेजे, जिसके बाद रेस्क्यू मिशन शुरू किया गया।
18 किलोमीटर दूर खेत में उतरे हेलीकॉप्टर, चला ऑपरेशन
अमेरिकी सेना ने पायलट की लोकेशन से करीब 18 किलोमीटर दूर एक खेत को ऑपरेशन बेस बनाया।
- यहां दो विमान और छोटे हेलीकॉप्टर उतारे गए
- स्पेशल टीम ने हेलीकॉप्टर के जरिए पायलट को दरार से बाहर निकाला
- उसे सुरक्षित उसी खेत तक लाया गया
ऑपरेशन के दौरान जब कुछ अमेरिकी विमान फंस गए, तो उन्हें दुश्मन के हाथ लगने से रोकने के लिए वहीं नष्ट कर दिया गया।
इजरायल ने दी खुफिया मदद, डिफेंस सिस्टम पर हमले जारी
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मिशन में इजरायल ने अहम भूमिका निभाई।
- इलाके की खुफिया जानकारी उपलब्ध कराई
- ईरान के डिफेंस सिस्टम को व्यस्त रखने के लिए हमले जारी रखे
- रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान टारगेटेड स्ट्राइक से बचाव सुनिश्चित किया
एफ-15E नेविगेटर को बचाने का मिशन
जानकारी के मुताबिक, यह ऑपरेशन अमेरिकी एफ-15E फाइटर जेट के नेविगेटर को बचाने के लिए चलाया गया था, जिसे ईरान के ऊपर मार गिराया गया था।
हालांकि इस पूरे घटनाक्रम को लेकर आधिकारिक और विस्तृत जानकारी अब प्रेस कॉन्फ्रेंस में सामने आएगी।
दुनिया की नजर प्रेस कॉन्फ्रेंस पर
आज रात होने वाली प्रेस कॉन्फ्रेंस पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हैं। माना जा रहा है कि इसमें इस ऑपरेशन की रणनीति, जोखिम और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को लेकर कई बड़े खुलासे हो सकते हैं।