दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने I-PAC कंसल्टिंग प्राइवेट लिमिटेड से जुड़े कथित हवाला लेन-देन और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। एजेंसी ने प्रतीक जैन के भाई पुलकित जैन और उनकी पत्नी बार्बी जैन को 15 अप्रैल को दिल्ली स्थित मुख्यालय में पेश होने के लिए समन जारी किया है।
इससे पहले, दिल्ली की एक अदालत ने कंपनी के सह-संस्थापक एवं निदेशक विनेश चंदेल को 10 दिन की ईडी हिरासत में भेज दिया है। चंदेल को 13 अप्रैल को गिरफ्तार किया गया था। यह गिरफ्तारी दिल्ली पुलिस की एफआईआर के आधार पर की गई, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत जांच शुरू की।
50 करोड़ की संदिग्ध रकम का खुलासा
ईडी की शुरुआती जांच में करीब 50 करोड़ रुपये की संदिग्ध लेन-देन का पता चला है। एजेंसी के अनुसार, I-PAC को बिना किसी ठोस व्यावसायिक आधार के असुरक्षित लोन, फर्जी बिलिंग और हवाला चैनलों के जरिए फंडिंग मिली। साथ ही, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संदिग्ध ट्रांजैक्शन के जरिए पैसे के हेरफेर की भी आशंका जताई गई है।
चुनाव से पहले तेज हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई ऐसे समय पर हुई है जब पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु विधानसभा चुनाव नजदीक हैं। I-PAC इन राज्यों में क्रमशः तृणमूल कांग्रेस (TMC) और द्रविड़ मुनेत्र कषगम (DMK) को चुनावी रणनीति और परामर्श सेवाएं दे रहा है। ऐसे में ईडी की इस कार्रवाई ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।
परिवार से पूछताछ की तैयारी
ईडी को संदेह है कि प्रतीक जैन के परिवार के सदस्यों के पास मामले से जुड़ी अहम जानकारी हो सकती है। इसी कड़ी में पुलकित जैन और बार्बी जैन को पूछताछ के लिए तलब किया गया है।
छापेमारी के दौरान बढ़ा था विवाद
गौरतलब है कि इससे पहले ईडी ने जब प्रतीक जैन के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुद मौके पर पहुंच गई थीं। उनके पहुंचने के बाद तलाशी अभियान को बीच में ही रोकना पड़ा था, जिससे मामला और ज्यादा राजनीतिक रंग ले गया।
जांच जारी
ईडी ने हाल के हफ्तों में पश्चिम बंगाल में कई राजनीतिक रूप से जुड़े मामलों में अपनी सक्रियता बढ़ाई है। एजेंसी का दावा है कि छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज और सबूत बरामद किए गए हैं। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में और खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।