दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
महाराष्ट्र के चर्चित टीसीएस नासिक धर्मांतरण मामले में एक नया घटनाक्रम सामने आया है। मामले में नामजद महिला आरोपी निदा खान ने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत का रुख करते हुए अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। याचिका में उसने खुद को गर्भवती बताते हुए राहत की मांग की है।
भूमिका को लेकर सामने आई नई जानकारी
शुरुआती रिपोर्ट्स में निदा खान को कंपनी के एचआर विभाग से जुड़ा बताया जा रहा था, लेकिन अब सामने आया है कि वह कंपनी में टेलीकॉलर के पद पर कार्यरत थी। परिवार का दावा है कि उसे गलत तरीके से एक वरिष्ठ पद से जोड़कर पेश किया गया।
परिवार ने फरार होने से किया इनकार
निदा खान के परिवार का कहना है कि वह फरार नहीं है, बल्कि मुंबई स्थित अपने घर में ही मौजूद है। उनके भाई के अनुसार, वह दिसंबर 2021 में बीपीओ सेक्टर में शामिल हुई थी और सेल्स टीम का हिस्सा थी, न कि एचआर विभाग का।
गंभीर आरोपों के बीच बढ़ी जांच
मामले में अब तक 9 एफआईआर दर्ज की जा चुकी हैं और 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इन पर कर्मचारियों को कथित रूप से लालच, दबाव और धमकी के जरिए धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर करने, साथ ही उत्पीड़न और ब्लैकमेलिंग जैसे आरोप लगे हैं।
SIT की नजर में मुख्य आरोपी
महाराष्ट्र पुलिस की विशेष जांच टीम (SIT) इस मामले की जांच कर रही है और निदा खान की तलाश जारी है। जांच एजेंसियां उसे पूछताछ के लिए हिरासत में लेना चाहती हैं।
कंपनी ने लिया सख्त एक्शन
विवाद सामने आने के बाद कंपनी प्रबंधन ने सभी आरोपियों को नौकरी से निकाल दिया है। फिलहाल मामले की जांच जारी है और आने वाले दिनों में इसमें और खुलासे होने की संभावना है।