दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर (सतपाल शर्मा)
पंजाब सरकार ने धार्मिक ग्रंथों की मर्यादा को लेकर बड़ा कदम उठाते हुए नया संशोधित कानून लागू कर दिया है। इस फैसले के तहत अब श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के मामलों में दोषी पाए जाने वालों को सीधे उम्रकैद की सजा दी जाएगी। राज्यपाल की मंजूरी के बाद यह कानून पूरे राज्य में प्रभावी हो गया है।
सरकार का कहना है कि इस नए प्रावधान का उद्देश्य न सिर्फ धार्मिक भावनाओं की रक्षा करना है, बल्कि राज्य में शांति और भाईचारे को भी मजबूत करना है। चंडीगढ़ में हुई प्रेस वार्ता के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि अब ऐसे मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले कई मामलों में जांच लंबित रही और पीड़ितों को न्याय नहीं मिल पाया, लेकिन अब सरकार इन मामलों को प्राथमिकता देकर तेजी से निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है। नए कानून को इस तरह तैयार किया गया है कि इसमें कोई कानूनी कमजोरी न रह जाए और आरोपी सख्त सजा से बच न सकें।
सरकार ने यह भी संकेत दिया कि पुराने मामलों की जांच को भी तेज किया जा रहा है और दोषियों तक पहुंचने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि किसी भी दबाव में आए बिना निष्पक्ष कार्रवाई की जाए।
इस कानून को राज्य में कानून व्यवस्था और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की दिशा में अहम माना जा रहा है। सरकार का दावा है कि इससे भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगेगी और लोगों का न्याय व्यवस्था पर भरोसा और मजबूत होगा।