दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब की ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल में एक हवालाती की संदिग्ध हालात में मौत का मामला सामने आने के बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। इस घटना को गंभीरता से लेते हुए Punjab State Human Rights Commission ने जेल प्रशासन और संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है।
इलाज के दौरान तोड़ा दम, शरीर पर मिले चोट के निशान
मृतक की पहचान जितेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो एक आपराधिक मामले में न्यायिक हिरासत में था। जेल में तबीयत बिगड़ने के बाद उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। परिजनों का दावा है कि जब उन्होंने शव देखा तो उसके शरीर और चेहरे पर चोट के स्पष्ट निशान थे, जिससे मामला और संदिग्ध हो गया है।
परिवार ने लगाए गंभीर आरोप
मृतक की पत्नी ने मीडिया से बातचीत में जेल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि उन्हें समय पर कोई सूचना नहीं दी गई और न ही घटना की सही जानकारी दी गई। उन्होंने आशंका जताई कि उनके पति के साथ जेल के अंदर गलत व्यवहार हुआ और यहां तक कि उनकी हत्या की गई हो सकती है।
आयोग ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट
मामले की गंभीरता को देखते हुए आयोग ने एडीजीपी (जेल), जिला प्रशासन और जेल सुपरिटेंडेंट से विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। इसमें न्यायिक जांच, वीडियोग्राफी के साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मेडिकल बोर्ड की राय और घटना के समय ड्यूटी पर मौजूद अधिकारियों की पूरी जानकारी शामिल करने के निर्देश दिए गए हैं।
22 मई को होगी अगली सुनवाई
मानवाधिकार आयोग की बेंच, जिसमें जस्टिस संत प्रकाश, जस्टिस गुरबीर सिंह और सदस्य जितेंद्र सिंह शंटी शामिल हैं, इस मामले की अगली सुनवाई 22 मई को करेगी। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि लापरवाही या उत्पीड़न सामने आता है तो संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।