दोआबा न्यूजलाइन। सतपाल शर्मा
जालंधर देहात के आदमपुर इलाके में सामने आए एक कथित ठगी के मामले ने पूरे क्षेत्र को हैरान कर दिया। लोगों के बीच चर्चा है कि जिस दंपत्ति को एक बुजुर्ग दंपत्ति ने अपने घर का हिस्सा समझकर सहारा दिया, उसी ने धीरे-धीरे उनके भरोसे को हथियार बनाकर उनकी जिंदगी भर की जमा-पूंजी और संपत्ति पर कब्जा करने की कथित साजिश रच डाली। यह कहानी सिर्फ पैसों की नहीं, बल्कि उस विश्वास की है, जिसे टूटने में वर्षों नहीं, बल्कि कुछ महीनों का समय लगा।
करीब पांच वर्ष पहले आदमपुर के रहने वाले रामलाल शर्मा (74) और उनकी पत्नी शांति देवी (69) अपने बड़े से पुश्तैनी मकान में अकेले रहते थे। दोनों की कोई संतान नहीं थी। उम्र बढ़ने के साथ घर के छोटे-बड़े काम करना भी उनके लिए मुश्किल होता जा रहा था। ऐसे समय में उनकी मुलाकात बंटी कुमार और उसकी पत्नी बबली देवी से हुई। दोनों ने खुद को बेहद जरूरतमंद बताते हुए किराए पर कमरा मांगा। बुजुर्ग दंपत्ति ने बिना ज्यादा पूछताछ किए उन्हें घर में रहने की अनुमति दे दी।
धीरे-धीरे परिवार जैसा रिश्ता बना
शुरुआती दिनों में बंटी और बबली का व्यवहार इतना अच्छा था कि मोहल्ले के लोग भी उनकी तारीफ करते नहीं थकते थे। कभी दवाइयां लाना, कभी राशन खरीदना, कभी अस्पताल लेकर जाना तो कभी बिजली और पानी के बिल जमा कराना—दोनों हर छोटे-बड़े काम में आगे रहते। धीरे-धीरे रामलाल और शांति देवी को लगने लगा कि भगवान ने उन्हें संतान नहीं दी तो क्या हुआ, यह दंपत्ति उनकी सेवा करने के लिए भेज दिया।
बुजुर्ग दंपत्ति ने घर की अलमारी की चाबी तक उन पर भरोसे से छोड़नी शुरू कर दी। बैंक जाने का काम भी बंटी करने लगा। कई बार वह पासबुक अपडेट करवाकर लाता और बैंक संबंधी दस्तावेज भी संभालने लगा। शांति देवी अक्सर पड़ोसियों से कहती थीं कि “अब हमें किसी बात की चिंता नहीं, हमारे अपने हमारे साथ हैं।”
यहीं से शुरू हुआ कथित खेल
पुलिस जांच में सामने आई शुरुआती जानकारी के अनुसार, आरोप है कि इसी भरोसे का फायदा उठाकर बंटी और बबली ने धीरे-धीरे बुजुर्ग दंपत्ति के आर्थिक मामलों में पूरी पकड़ बना ली। पहले बैंक खातों की जानकारी ली गई, फिर एटीएम कार्ड, चेकबुक और जरूरी दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। बुजुर्ग होने के कारण रामलाल और शांति देवी बिना ज्यादा सवाल किए हर कागज पर हस्ताक्षर कर देते थे।
बताया जा रहा है कि कई बार दस्तावेजों को पेंशन और बैंक की औपचारिकता बताकर हस्ताक्षर करवाए गए। इसी दौरान लाखों रुपये अलग-अलग माध्यमों से निकाल लिए गए। पीड़ितों को इसकी भनक तक नहीं लगी।
एक करोड़ रुपये और संपत्ति पर कथित कब्जे की साजिश
जांच से जुड़े सूत्रों के अनुसार, आरोप है कि करीब एक करोड़ रुपये की नकदी, बचत और निवेश से जुड़ी राशि धीरे-धीरे निकाल ली गई। इतना ही नहीं, मकान और जमीन से जुड़े दस्तावेजों में भी कथित रूप से बदलाव कराने की कोशिश की गई। जब तक बुजुर्ग दंपत्ति को पूरे मामले की जानकारी हुई, तब तक काफी देर हो चुकी थी।
पड़ोसियों का कहना है कि कुछ महीनों से बंटी और बबली घर में आने-जाने वालों पर भी नजर रखने लगे थे। वे किसी को सीधे बुजुर्ग दंपत्ति से मिलने नहीं देते थे। यदि कोई मिलने आता तो कहते कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है।
शक तब हुआ जब बैंक पहुंचे बुजुर्ग
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब रामलाल शर्मा एक दिन खुद बैंक पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से कई बार बड़ी रकम निकाली जा चुकी है। पहले तो उन्हें विश्वास ही नहीं हुआ। बैंक से पूरी जानकारी लेने के बाद उनके पैरों तले जमीन खिसक गई। घर लौटकर उन्होंने दस्तावेज तलाशे तो कई महत्वपूर्ण कागजात भी गायब मिले।
इसके बाद उन्होंने पड़ोसियों को पूरी बात बताई। मोहल्ले के लोगों ने भी पुराने घटनाक्रम को जोड़ना शुरू किया और उन्हें एहसास हुआ कि जिस भरोसे की मिसाल दी जा रही थी, वही उनके लिए सबसे बड़ा धोखा बन गया।
पहले भी कई लोगों को बना चुके हैं शिकार!
पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी में यह भी सामने आया है कि बंटी और बबली पर पहले भी अन्य स्थानों पर लोगों को भरोसे में लेकर ठगी करने के आरोप लग चुके हैं। जांच अधिकारी इस बात की भी पड़ताल कर रहे हैं कि क्या दोनों ने जालंधर के अलावा कपूरथला, होशियारपुर या अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामलों को अंजाम दिया है।
यदि जांच में यह तथ्य सही पाए जाते हैं तो यह मामला एक संगठित ठगी गिरोह का रूप भी ले सकता है।
पुलिस ने शुरू की गहन जांच
मामले की शिकायत मिलने के बाद जालंधर देहात पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। बैंक खातों का रिकॉर्ड, संपत्ति से जुड़े दस्तावेज, मोबाइल कॉल डिटेल और अन्य साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हर पहलू की गंभीरता से जांच की जा रही है और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।
अधिकारियों का यह भी कहना है कि यदि जांच में धोखाधड़ी और जालसाजी के आरोप सही पाए गए तो आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की संबंधित धाराओं के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इलाके में बना चर्चा का विषय
आदमपुर और आसपास के गांवों में यह मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे विश्वास के साथ सबसे बड़ा विश्वासघात बता रहे हैं। कई बुजुर्ग अब अपने घरों में किराएदार रखने से पहले पूरी जांच-पड़ताल करने की बात कह रहे हैं। सामाजिक संगठनों ने भी लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति को बैंक खाते, एटीएम, संपत्ति के कागजात या अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेजों तक बिना आवश्यकता पहुंच न दें।
सबक भी छोड़ गया यह मामला
यह घटना उन बुजुर्गों के लिए भी एक बड़ा सबक मानी जा रही है जो अकेले रहते हैं और भावनात्मक रूप से जल्दी किसी पर भरोसा कर लेते हैं। पुलिस का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति जरूरत से ज्यादा निजी या आर्थिक मामलों में दखल देने लगे तो सतर्क हो जाना चाहिए। समय रहते सावधानी बरतने से इस तरह की घटनाओं से बचा जा सकता है।
फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है। पुलिस को उम्मीद है कि जांच पूरी होने के बाद इस कथित ठगी के पीछे छिपे सभी तथ्य सामने आ जाएंगे और यदि किसी अन्य व्यक्ति की भी भूमिका सामने आती है तो उसे भी कानून के दायरे में लाया जाएगा।