दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
जंतर-मंतर पर परीक्षा प्रणाली में सुधार और कथित पेपर लीक मामलों को लेकर जारी आंदोलन के बीच आज सरकार और CJP (कॉकरोच जनता पार्टी) के प्रतिनिधियों के बीच अहम बैठक प्रस्तावित है। कई दिनों से जारी गतिरोध के बाद इस वार्ता को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है। यदि बातचीत सफल रहती है तो आंदोलन समाप्त होने की संभावना बन सकती है, वहीं असहमति की स्थिति में प्रदर्शन और तेज हो सकता है।

क्या हैं CJP की चार प्रमुख मांगें?
CJP ने सरकार के सामने चार मुख्य मांगें रखी हैं—
- केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा।
- NEET समेत सभी कथित पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई।
- परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानून और व्यापक सुधार।
- परीक्षा संबंधी घटनाओं के कारण आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को उचित मुआवजा और सहायता।
पहले की बातचीत नहीं रही सफल
इससे पहले सरकार और CJP के बीच हुई बैठक किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंच सकी थी। दोनों पक्ष बातचीत के स्थान और मांगों को लेकर अपने-अपने रुख पर कायम रहे। अब आज की बैठक से समाधान निकलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
बैठक और प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में सुरक्षा बढ़ा दी है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे।

आज की बैठक पर देशभर की नजर
छात्रों, अभिभावकों और विभिन्न छात्र संगठनों की नजर आज की वार्ता पर टिकी है। यदि सरकार और CJP के बीच सहमति बनती है तो आंदोलन खत्म होने का रास्ता खुल सकता है, जबकि बातचीत विफल रहने पर संगठन देशभर में आंदोलन तेज करने की तैयारी में है।