दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
राजधानी दिल्ली में बढ़ते प्रदूषण को काबू में करने के लिए नगर निगम ने वाणिज्यिक वाहनों पर पर्यावरण शुल्क में बढ़ोतरी लागू कर दी है। यह फैसला शहर में वाहनों से निकलने वाले प्रदूषण को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।
• अलग-अलग वाहनों पर बढ़ा शुल्क:
नई दरों के तहत छोटे से लेकर बड़े ट्रकों तक सभी श्रेणियों के वाहनों पर शुल्क बढ़ाया गया है। खास तौर पर बड़े और भारी वाहनों पर ज्यादा बोझ डाला गया है, ताकि वे शहर में कम प्रवेश करें।

• जरूरी सामान ढोने वाले वाहन भी दायरे में:
अब खाद्य सामग्री जैसे फल, सब्जियां, दूध और अनाज ले जाने वाले वाहनों को भी किसी प्रकार की छूट नहीं मिलेगी। इससे परिवहन लागत बढ़ने और आम लोगों पर असर पड़ने की संभावना है।
• हर साल बढ़ेगा शुल्क:
नई नीति के अनुसार, अब हर वर्ष तय प्रतिशत के हिसाब से शुल्क में वृद्धि की जाएगी, जिससे लंबे समय तक प्रदूषण नियंत्रण के प्रयास जारी रह सकें।
• टोल प्लाजा पर बदली व्यवस्था:
भीड़भाड़ वाले टोल नाकों पर वाहनों को रोककर जांच करने की प्रक्रिया में बदलाव किया गया है। इससे ट्रैफिक जाम को कम करने और आवागमन को सुचारू बनाने की कोशिश की जा रही है।
• भारी वाहनों की एंट्री पर लगाम:
बढ़ी हुई दरों का एक उद्देश्य भारी ट्रकों को दिल्ली में प्रवेश करने से रोकना भी है। इसके लिए उन्हें बाहरी मार्गों के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
• 2024-25 में हुआ बड़ा राजस्व संग्रह:
नगर निगम को वर्ष 2024-25 के दौरान टोल टैक्स से लगभग 858 करोड़ रुपये से अधिक की आय हुई, जबकि पर्यावरण शुल्क के रूप में करीब 100 करोड़ रुपये अलग से प्राप्त हुए।
• 2025-26 के लिए तय किए गए लक्ष्य:
वित्तीय वर्ष 2025-26 में निगम ने टोल से करीब 900 करोड़ रुपये का लक्ष्य रखा है। अब तक के आंकड़ों के अनुसार, साल के बीच तक ही सैकड़ों करोड़ रुपये की वसूली हो चुकी है और वर्ष के अंत तक बड़े राजस्व की उम्मीद जताई जा रही है।
• आगे भी राजस्व बढ़ने की उम्मीद:
आने वाले वित्तीय वर्षों में भी निगम ने टोल से लगभग 900 करोड़ रुपये की आय का लक्ष्य तय किया है। इससे शहर के विकास और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ी योजनाओं को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
• सभी टोल नाकों पर लागू नई दरें:
अधिकारियों के मुताबिक, नई दरें शहर के सभी टोल प्वाइंट्स पर लागू कर दी गई हैं। अब सभी प्रकार के वाणिज्यिक वाहनों को संशोधित शुल्क के अनुसार भुगतान करना होगा।