दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
देश के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में एक और ऐतिहासिक कदम जुड़ने जा रहा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi आज 14 अप्रैल को बहुप्रतीक्षित दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस-वे का उद्घाटन करेंगे। करीब 210 किलोमीटर लंबे इस अत्याधुनिक एक्सप्रेस-वे के शुरू होने से दिल्ली से देहरादून का सफर अब महज ढाई घंटे में पूरा हो सकेगा, जो पहले 6 से 6.5 घंटे तक लगता था।
🌄 उत्तर भारत की कनेक्टिविटी को मिलेगा बूस्ट
यह एक्सप्रेस-वे सिर्फ एक सड़क परियोजना नहीं, बल्कि उत्तर भारत के विकास का नया इंजन माना जा रहा है। इसके जरिए Delhi NCR, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा, उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी तेज, सुगम और आरामदायक होगी।
इससे खास तौर पर Uttarakhand को बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है, जहां पर्यटन, उद्योग, कृषि और सेवा क्षेत्र में नई तेजी आएगी। साथ ही, करीब 25 बड़े आर्थिक केंद्रों से सीधी कनेक्टिविटी स्थापित होगी।

🛣️ किन-किन शहरों को जोड़ेगा एक्सप्रेस-वे
दिल्ली से देहरादून के बीच यह एक्सप्रेस-वे बागपत, मुजफ्फरनगर, शामली और सहारनपुर जैसे अहम शहरों को जोड़ेगा। इसे सहारनपुर-देहरादून इकोनॉमिक कॉरिडोर के रूप में भी जाना जा रहा है।
यह प्रोजेक्ट तीन हिस्सों में विकसित किया गया है:
- दिल्ली–ईपीई (ब्राउनफील्ड)
- ईपीई–सहारनपुर (ग्रीनफील्ड)
- सहारनपुर–देहरादून (ग्रीनफील्ड)

🌿 राजाजी नेशनल पार्क में एशिया का सबसे लंबा वाइल्डलाइफ कॉरिडोर
इस एक्सप्रेस-वे की सबसे बड़ी खासियत Rajaji National Park के ऊपर बना 12 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड वाइल्डलाइफ कॉरिडोर है। यह एशिया का सबसे लंबा कॉरिडोर माना जा रहा है, जो वन्यजीवों की सुरक्षा और आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के बीच संतुलन का बेहतरीन उदाहरण है।
इसके अलावा प्रोजेक्ट में पर्यावरण संरक्षण का भी खास ध्यान रखा गया है:
- सोलर लाइटिंग सिस्टम
- वर्षा जल संरक्षण तकनीक
- नॉइज़ बैरियर
- ग्रीन बेल्ट विकास
⚙️ आधुनिक सुविधाओं से लैस हाई-टेक एक्सप्रेस-वे
करीब 11,800 से 13,000 करोड़ रुपए की लागत से बने इस एक्सप्रेस-वे को देश के सबसे आधुनिक हाईवे प्रोजेक्ट्स में गिना जा रहा है।
मुख्य विशेषताएं:
- कुल लंबाई: 210–212 किमी
- 6 लेन (8 लेन तक विस्तार योग्य)
- डिजाइन स्पीड: 120 किमी/घंटा
- अंडरपास: 113
- रेलवे ओवरब्रिज: 5
- एंट्री/एग्जिट पॉइंट: 16
- सर्विस रोड: 76 किमी
- बस शेल्टर: 62
- वे-साइड सुविधाएं: 12
- डाटकाली टनल: लगभग 340 मीटर
🚀 यात्रियों को मिलेगा नया अनुभव
प्राकृतिक वादियों के बीच से गुजरता यह एक्सप्रेस-वे यात्रियों को तेज, सुरक्षित और आरामदायक सफर का अनुभव देगा। साथ ही, दिल्ली-एनसीआर से उत्तराखंड की दूरी कम होने से पर्यटन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह एक्सप्रेस-वे आने वाले समय में उत्तर भारत की आर्थिक गतिविधियों को नई दिशा देगा और क्षेत्रीय विकास को गति प्रदान करेगा।