दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर
अमेरिका, कनाडा और यूरोप में चलाए गए संयुक्त अभियान ऑपरेशन हार्ड बॉल” (Operation Hard Ball) के तहत FBI और अन्य जांच एजेंसियों ने लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और उनसे जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई की है। इस ऑपरेशन में 50 से अधिक स्थानों पर एक साथ छापेमारी की गई और 24 लोगों को गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों ने ड्रग्स, अवैध हथियार, भारी मात्रा में नकदी और अन्य आपत्तिजनक सामान भी बरामद किया।
अंतरराष्ट्रीय गैंग पर कार्रवाई
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई कई वर्षों से चल रही जांच का हिस्सा थी। एजेंसियों का आरोप है कि यह नेटवर्क अमेरिका, कनाडा और यूरोप में जबरन वसूली, मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध हथियारों की सप्लाई, सुपारी किलिंग और धमकी जैसे गंभीर अपराधों में शामिल था। गैंग सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को डराने और अपना प्रभाव बढ़ाने का प्रयास करता था।
लॉरेंस और गोल्डी पर गंभीर आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई भारत से अपने नेटवर्क का संचालन करता था, जबकि कनाडा में मौजूद गोल्डी बराड़ उत्तर अमेरिका में गैंग की गतिविधियों को संभालता था। अभियोजन पक्ष ने दोनों पर कई अंतरराष्ट्रीय अपराधों की साजिश रचने के आरोप लगाए हैं।
क्या-क्या हुआ बरामद
ऑपरेशन के दौरान बड़ी मात्रा में कोकीन और अन्य नशीले पदार्थ, कई अवैध हथियार, गोला-बारूद, नकदी और अपराध से जुड़े इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए गए। जांच एजेंसियां अब बरामद डिजिटल सबूतों के आधार पर गैंग के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही हैं।
37 लोगों पर आरोप तय
अमेरिकी अभियोजकों ने इस पूरे मामले में 37 लोगों के खिलाफ आरोप तय किए हैं। इनमें लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और विभिन्न देशों में सक्रिय उनके कई सहयोगियों के नाम शामिल हैं। अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय संगठित अपराध के खिलाफ सबसे बड़े अभियानों में से एक है।
आगे की जांच जारी
FBI और सहयोगी एजेंसियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी भी देश में संगठित अपराध चलाने वालों को सुरक्षित पनाह नहीं मिलेगी।