दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
जालंधर के शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले में बड़ा मोड़ आया है। अमृतसर पुलिस ने इस मामले में फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के चार डॉक्टरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही का केस दर्ज करते हुए जांच शुरू कर दी है।
एफआईआर में ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ. तपिश शुक्ला, कंसल्टेंट एनेस्थीसिया डॉ. अलका तिवाड़ी, एनेस्थीसिया विभाग की हेड डॉ. राजेंद्र कौर और कार्डियोलॉजी विभाग के कंसल्टेंट डॉ. अरुण कुमार चोपड़ा के नाम शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इन सभी डॉक्टरों की भूमिका की जांच की जा रही है और मेडिकल प्रक्रियाओं में किसी भी तरह की लापरवाही को गंभीरता से लिया जा रहा है।
सर्जरी के दौरान हुई थी मौत, परिवार ने उठाए थे सवाल
गौरतलब है कि 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर में सर्जरी के दौरान वरिंदर घुम्मन का निधन हो गया था। वह एक प्रसिद्ध बॉडी बिल्डर थे और अपनी फिटनेस के लिए जाने जाते थे। उनकी मौत के बाद परिवार ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए थे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की थी।
परिजनों का कहना था कि ऑपरेशन के बाद जब शव उन्हें सौंपा गया, तो उसकी स्थिति सामान्य नहीं थी। उन्होंने आरोप लगाया कि घुम्मन के शरीर का रंग सिर से लेकर कंधों तक काला-नीला पड़ा हुआ था, जिससे उन्हें शक हुआ कि सर्जरी के दौरान कुछ गड़बड़ी हुई है। इसी आधार पर परिवार ने मामले की जांच की मांग की थी।
जांच शुरू, मेडिकल लापरवाही के एंगल पर फोकस
परिवार की शिकायत के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और मेडिकल दस्तावेजों की समीक्षा की। शुरुआती जांच में लापरवाही के आरोपों को गंभीर मानते हुए अब चार डॉक्टरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विशेषज्ञों की राय और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इस मामले ने एक बार फिर निजी अस्पतालों में इलाज के दौरान होने वाली संभावित लापरवाही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। वहीं परिवार अब दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है। पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जाएगी और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होगी।\