दोआबा न्यूजलाइन । जालंधर (सतपाल शर्मा)
गुरुवार सुबह इंडोनेशिया के उत्तरी मोलुका सागर में आए तेज भूकंप ने पूरे दक्षिण-पूर्व एशिया को हिला कर रख दिया। रिक्टर स्केल पर 7.6 तीव्रता के इस शक्तिशाली झटके के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोगों में डर का माहौल बन गया। भूकंप के तुरंत बाद सुनामी की आशंका को देखते हुए इंडोनेशिया समेत फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों में अलर्ट जारी कर दिया गया।
10–20 सेकंड तक कांपती रही जमीन
भूकंप का असर इंडोनेशिया के बिटुंग और टेरनेट जैसे शहरों में साफ देखा गया, जहां 10 से 20 सेकंड तक धरती कांपती रही। लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। कई इलाकों में इमारतों को हल्का से मध्यम नुकसान भी हुआ है।
सुनामी का खतरा बना बड़ा कारण चिंता का
विशेषज्ञों के अनुसार भूकंप समुद्र में और कम गहराई पर आया, जिससे सुनामी का खतरा बढ़ गया। अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने साफ किया है कि भूकंप के केंद्र से 1000 किलोमीटर के दायरे में खतरनाक लहरें उठ सकती हैं। भूकंप के कुछ ही देर बाद निगरानी केंद्रों पर समुद्री हलचल दर्ज की गई, जिससे खतरा और बढ़ गया।
एक की मौत, नुकसान का आकलन जारी
अब तक इस आपदा में एक व्यक्ति की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई घरों और एक चर्च को नुकसान पहुंचा है। राहत और बचाव टीमों को तुरंत सक्रिय कर दिया गया है और प्रभावित इलाकों का सर्वे किया जा रहा है।
पहले भी झेल चुका है बड़ा कहर
इंडोनेशिया पहले भी कई बार भूकंप और सुनामी जैसी आपदाओं का सामना कर चुका है। 2004 की विनाशकारी सुनामी आज भी लोगों के जहन में ताजा है, जब हजारों लोगों की जान चली गई थी। यही वजह है कि इस बार प्रशासन ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए अलर्ट जारी किया।
डर के साए में तीन देश
इंडोनेशिया, फिलीपींस और मलेशिया के तटीय इलाकों में रहने वाले लोग फिलहाल डर के माहौल में हैं। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है और लोगों को समुद्र से दूर रहने की सलाह दी जा रही है।
स्थिति अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है, लेकिन खतरे को देखते हुए अगले कुछ घंटों तक सतर्क रहने की अपील की गई है।