दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने साफ कर दिया है कि वह किसी भी दबाव में झुकने वाला नहीं है। अमेरिका और इज़रायल के साथ जारी संघर्ष के बीच तेहरान ने अपने रुख को और कड़ा कर लिया है।
ईरानी नेतृत्व का कहना है कि जब तक उस पर लगाए गए आर्थिक प्रतिबंध पूरी तरह खत्म नहीं किए जाते और भविष्य में बाहरी दखलअंदाजी न होने की ठोस गारंटी नहीं मिलती, तब तक किसी भी समझौते की संभावना बेहद कम है। अधिकारियों के अनुसार, देश अपनी सुरक्षा और संप्रभुता से कोई समझौता नहीं करेगा।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में नरम रुख दिखाते हुए तनाव कम करने और बातचीत की बात कही है। हालांकि ईरान ने इस पर तुरंत सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं दी है, जिससे संकेत मिलता है कि दोनों पक्षों के बीच अविश्वास अभी भी गहरा बना हुआ है।
विश्लेषकों का मानना है कि यह टकराव अब केवल सैन्य नहीं बल्कि कूटनीतिक और आर्थिक स्तर पर भी लंबा खिंच सकता है। क्षेत्रीय स्थिरता पर इसका असर पड़ना तय माना जा रहा है, खासकर खाड़ी देशों के लिए चिंता बढ़ गई है।
हालात को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय समुदाय भी सक्रिय हो गया है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की जा रही है, ताकि बड़े स्तर के संघर्ष से बचा जा सके।