दोआबा न्यूज। जालंधर (सतपाल शर्मा)
अमेरिका और ईरान के बीच 14 दिनों के युद्धविराम के बावजूद मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। इजरायल ने लेबनान पर अपने हमले तेज कर दिए हैं, जिनमें अब तक 254 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 1165 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। हमलों में एक इमाम की मौत की भी पुष्टि हुई है।
इजरायल ने साफ कर दिया है कि यह युद्धविराम लेबनान पर लागू नहीं होता, जिसके चलते वहां सैन्य कार्रवाई लगातार जारी है। इस पर ईरान ने कड़ा विरोध जताते हुए चेतावनी दी है कि यदि लेबनान पर हमले नहीं रोके गए तो वह सीजफायर समझौते को रद्द कर सकता है।
इसी बीच ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर सख्त कदम उठाए हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, तेल टैंकरों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है, जिससे वैश्विक तेल सप्लाई प्रभावित हो सकती है। ईरानी नौसेना ने बिना अनुमति इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी भी दी है।
दूसरी ओर हिज्बुल्लाह ने भी इजरायल को चेतावनी दी है कि अगर हमले जारी रहे तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा। संगठन का कहना है कि उसे युद्धविराम में शामिल न करना स्थिति को और गंभीर बना सकता है।
मौजूदा हालात ने क्षेत्र में बड़े संघर्ष की आशंका को फिर से बढ़ा दिया है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता गहरा गई है।