दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब सरकार ने शहरी क्षेत्रों में विकास को बढ़ावा देने के लिए भवन निर्माण से जुड़े नियमों में संशोधन किया है। नई व्यवस्था के तहत निर्धारित मानकों को पूरा करने वाले बड़े प्रोजेक्ट्स में आवासीय और व्यावसायिक गतिविधियां एक ही परिसर में संचालित की जा सकेंगी। इससे लोगों को घर, दफ्तर और रोजमर्रा की कई सुविधाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराने का रास्ता खुलेगा।
दो तरह के मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट होंगे विकसित
नई नीति के अनुसार डेवलपर्स वर्टिकल और हॉरिजॉन्टल दोनों तरह के मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट तैयार कर सकेंगे। बहुमंजिला इमारतों की निचली मंजिलों पर दुकानें, कार्यालय और अन्य व्यावसायिक गतिविधियां होंगी, जबकि ऊपरी मंजिलों का उपयोग आवासीय फ्लैटों के लिए किया जाएगा। बड़े कैंपस में अलग-अलग टावर बनाकर भी रिहायशी और कमर्शियल ब्लॉक विकसित किए जा सकेंगे।
नक्शा मंजूरी की प्रक्रिया होगी आसान
सरकार ने 21 मीटर तक ऊंची इमारतों के नक्शों की स्वीकृति प्रक्रिया को सरल बनाया है। अधिकृत आर्किटेक्ट स्वयं नियमों के अनुरूप होने का प्रमाण दे सकेंगे। आवेदन के सात दिन के भीतर कोई आपत्ति नहीं आने पर नक्शा स्वीकृत माना जाएगा, जबकि बाद में आवश्यकता पड़ने पर विभाग जांच भी कर सकेगा।
रिहायशी भवनों को भी मिली राहत
संशोधित नियमों के तहत घरों के निर्माण से जुड़े कुछ प्रावधानों में भी बदलाव किए गए हैं। सड़क के स्तर से फर्श की ऊंचाई बढ़ाने की अनुमति दी गई है और निर्धारित शर्तों के तहत बेसमेंट निर्माण में भी राहत मिलेगी। हालांकि भवन की अधिकतम ऊंचाई पहले से तय सीमा के भीतर ही रहेगी।
इन गतिविधियों पर रहेगी रोक
सरकार ने स्पष्ट किया है कि मिक्स्ड-यूज प्रोजेक्ट्स में बड़े अस्पताल, नियमित स्कूल-कॉलेज, प्रदूषण फैलाने वाले उद्योग और ज्वलनशील या विस्फोटक पदार्थों के भंडारण जैसी गतिविधियों की अनुमति नहीं दी जाएगी।
कामकाजी परिवारों और आईटी सेक्टर को फायदा
नई नीति के तहत परिसर में क्रेच और प्ले-स्कूल खोलने की अनुमति होगी, जिससे कामकाजी माता-पिता को सुविधा मिलेगी। साथ ही आईटी और आईटीईएस कंपनियां भी ऐसे प्रोजेक्ट्स में अपने कार्यालय स्थापित कर सकेंगी। सरकार का मानना है कि इससे ट्रैफिक का दबाव घटेगा, लोगों का समय बचेगा और आधुनिक शहरी विकास को बढ़ावा मिलेगा।