दोआबा न्यूजलाइन । सतपाल शर्मा
राष्ट्रीय राजनीति से आज की सबसे बड़ी खबर आम आदमी पार्टी (AAP) के खेमे से आ रही है। पार्टी के तीन प्रमुख राज्यसभा सांसद—राघव चड्ढा, संदीप पाठक और अशोक मित्तल—ने AAP से इस्तीफा देकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) का दामन थाम लिया है। इसे आम आदमी पार्टी के लिए उच्च सदन में अब तक का सबसे बड़ा झटका माना जा रहा है।

राघव चड्ढा ने लगाए गंभीर आरोप
BJP में शामिल होने के बाद राघव चड्ढा ने अपनी पूर्व पार्टी पर तीखा हमला बोला। उनके बयानों की मुख्य बातें इस प्रकार हैं:
- भ्रष्टाचार और भटकाव: चड्ढा ने कहा कि AAP अब अपने स्थापना के मूल सिद्धांतों से भटक गई है और एक “भ्रष्ट और समझौतावादी” पार्टी बन चुकी है।
- चुभने वाला बयान: उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “पुरानी AAP अब वो AAP नहीं रही। मैं एक गलत पार्टी में सही व्यक्ति था।”
- नाराजगी की पृष्ठभूमि: गौरतलब है कि इसी महीने राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता पद से हटा दिया गया था, जिसके बाद से ही उनके और पार्टी के बीच दरार की खबरें तेज थीं।
दो-तिहाई सांसदों के विलय का दावा
कांस्टीट्यूशन क्लब में हुए इस बड़े राजनीतिक घटनाक्रम के दौरान राघव चड्ढा ने एक और चौंकाने वाला दावा किया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी के लगभग दो-तिहाई राज्यसभा सांसद BJP में शामिल होने जा रहे हैं। संदीप पाठक (जो पार्टी के प्रमुख रणनीतिकार माने जाते थे) और अशोक मित्तल का उनके साथ जाना इस दावे को मजबूती देता है।
राष्ट्रीय राजनीति पर इसका प्रभाव
- AAP का कमजोर होना: इस दलबदल से राज्यसभा में आम आदमी पार्टी की संसदीय ताकत काफी हद तक टूट जाएगी और उनका प्रभाव कम होगा।
- BJP का पलड़ा भारी: भारतीय जनता पार्टी के लिए यह एक बड़ी रणनीतिक जीत है। इससे न केवल उच्च सदन (Rajya Sabha) में उनके आंकड़े मजबूत होंगे, बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर विपक्ष के एक प्रमुख दल का मनोबल भी टूटेगा।