दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में एक बार फिर मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने राज्य के कई जिलों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग के अनुसार 28 से 31 जुलाई के बीच पंजाब में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। बारिश के साथ तेज हवाएं और गरज-चमक भी देखने को मिल सकती है।
28 और 29 जुलाई को सबसे अधिक बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार 28 और 29 जुलाई को पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। इसके बाद 30 और 31 जुलाई को भी कई जिलों में अच्छी बारिश जारी रह सकती है। पूर्वी और मध्य पंजाब के जिलों में बारिश का प्रभाव अधिक रहने का अनुमान है।
इन जिलों में जारी किया गया ऑरेंज अलर्ट
मौसम विभाग ने पटियाला, संगरूर, मालेरकोटला, लुधियाना, फतेहगढ़ साहिब, रूपनगर, नवांशहर और आसपास के क्षेत्रों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में तेज बारिश के कारण जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका है। वहीं जालंधर, अमृतसर, कपूरथला, होशियारपुर, मोगा और फाजिल्का समेत अन्य जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया गया है।
बंगाल की खाड़ी में बने सिस्टम का असर
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार बंगाल की खाड़ी में बने गहरे दबाव क्षेत्र और सक्रिय मानसूनी ट्रफ के कारण उत्तर भारत में बारिश की गतिविधियां बढ़ गई हैं। इसी सिस्टम का असर पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ पर भी दिखाई दे रहा है, जिससे अगले कुछ दिनों तक मौसम सुहावना लेकिन बारिश वाला बना रहेगा।
नदियों और निचले इलाकों पर प्रशासन की नजर
भारी बारिश को देखते हुए प्रशासन ने निचले इलाकों और नदी किनारे क्षेत्रों में सतर्कता बढ़ा दी है। पिछले वर्षों में मानसूनी बारिश के कारण कई जिलों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति बन चुकी है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन ने लोगों को अनावश्यक यात्रा से बचने और मौसम विभाग की चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी है।
किसानों के लिए राहत, लेकिन फसलों पर भी खतरा
लगातार बारिश धान की फसल के लिए लाभदायक मानी जा रही है, जिससे सिंचाई की जरूरत कम होगी। हालांकि अत्यधिक बारिश होने पर खेतों में पानी भरने से फसलों को नुकसान भी हो सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों को खेतों में जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की सलाह दी है।
लोगों के लिए जरूरी सलाह
मौसम विभाग ने लोगों से खराब मौसम के दौरान सावधानी बरतने की अपील की है। तेज बारिश के समय पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने, जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचने तथा आवश्यक होने पर ही यात्रा करने की सलाह दी गई है। अगले चार से पांच दिनों तक पंजाब में मानसून का प्रभाव बना रहने की संभावना है।