दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
देश भर में पेपर लीक मामले को लेकर बढ़ता विवाद अब एक अहम मोड़ पर पहुंच गया है। एक तरफ जहां सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से जांच की वर्तमान स्थिति पर जवाब मांगा है, वहीं दिल्ली में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच लंबे गतिरोध के बाद बातचीत का पहला दौर संपन्न हुआ है।
आज के 4 बड़े मुख्य अपडेट्स
सरकार ने CJP के प्रवक्ताओं को कल दोपहर 3:30 बजे फिर से बैठक के लिए बुलाया है। CJP ने चेतावनी दी है कि यदि अगले 2 से 3 दिनों में शिक्षा मंत्री का इस्तीफा नहीं हुआ, तो वे 20 जुलाई जैसा बड़ा प्रदर्शन और मार्च दोबारा निकाल सकते हैं।
सुप्रीम कोर्ट ने पेपर लीक मामले में सुनवाई करते हुए सरकार से सख्त लहजे में रिपोर्ट मांगी है। कोर्ट ने सवाल किया है कि धांधली रोकने के लिए अब तक क्या सुधार किए गए हैं और मामले की जांच कहां तक पहुंची है।
सुरक्षा व्यवस्था और विरोध प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए DMRC ने बड़ा कदम उठाया है। DMRC के आदेश के अनुसार नई दिल्ली समेत 18 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है।
उधर, बॉम्बे हाईकोर्ट ने भी इस मामले पर कड़ा रुख अपनाया है। हाईकोर्ट ने पेपर लीक की तेजी से जांच और सुनवाई सुनिश्चित करने के लिए नागपुर और औरंगाबाद में दो विशेष फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने के निर्देश दिए हैं।
सरकार और CJP के बीच 2 घंटे चली मैराथन बैठक
शुक्रवार को दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में सरकार और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रतिनिधियों के बीच करीब दो घंटे तक बातचीत हुई। इस बैठक में सरकार की ओर से केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा और जितेंद्र सिंह मौजूद रहे, जबकि CJP की तरफ से सौरव दास और आशुतोष रांका ने हिस्सा लिया।
बैठक के दौरान CJP ने सरकार के समक्ष 3 मुख्य मांगें रखीं और परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी बनाने के लिए 5 अहम सुझाव सौंपे। CJP के प्रवक्ताओं ने स्पष्ट कर दिया है कि वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर कोई समझौता नहीं करेंगे। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि सरकार प्रभावितों को मुआवजा देने और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने पर सहमत हो गई है।
केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने जानकारी दी कि CJP के सुझावों और मांगों पर सरकार के भीतर चर्चा की जाएगी तथा कल की बैठक में सरकार अपना रुख स्पष्ट करेगी।
पुलिस कार्रवाई पर CJP का तीखा हमला और सोनम वांगचुक का अनशन
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने 20 जुलाई की घटना का जिक्र करते हुए दिल्ली पुलिस और RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) के जवानों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि पुलिस ने जिस तरह की क्रूरता दिखाई है, उसे संगठन किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगा और इस मुद्दे को आगे भी उठाता रहेगा।
दूसरी ओर, इस पूरे घटनाक्रम के बीच पर्यावरणविद् और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सरकार से मिले आश्वासन के बाद 27वें दिन अपना अनशन तोड़ दिया है।