दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
ईरान ने भारत के साथ किया अपना वादा निभाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को भारतीय जहाजों के लिए खोल दिया है। इसके बाद 42 हजार टन एलपीजी लेकर ‘जग वसंत’ टैंकर सुरक्षित रूप से गुजरात के कांडला पोर्ट पहुंच गया। मौजूदा वैश्विक तनाव के बीच इस खेप का भारत पहुंचना ऊर्जा सप्लाई के लिहाज से बड़ी राहत माना जा रहा है।
मिड-सी ट्रांसफर से तेज होगी सप्लाई
कांडला पोर्ट अथॉरिटी के अनुसार, टैंकर से गैस उतारने की प्रक्रिया मिड-सी ट्रांसफर के जरिए की जाएगी। इस तकनीक के तहत समुद्र में ही जहाज से एलपीजी को दूसरे सिस्टम तक ट्रांसफर कर दिया जाता है, जिससे समय की बचत होती है और सप्लाई जल्दी शुरू हो जाती है। इससे देशभर में गैस वितरण की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।
ऊर्जा संकट के बीच मजबूत होगी आपूर्ति
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा आपूर्ति को लेकर जारी अनिश्चितता के बीच यह खेप भारत के लिए अहम मानी जा रही है। कांडला पोर्ट देश के प्रमुख ऊर्जा आयात केंद्रों में शामिल है, जहां से एलपीजी विभिन्न राज्यों तक भेजी जाती है। ऐसे में इस सप्लाई से घरेलू गैस उपलब्धता को स्थिर बनाए रखने में मदद मिलेगी।
ईरान का ऐलान: पांच देशों को सुरक्षित मार्ग
इससे एक दिन पहले ही ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने भारत सहित पांच देशों के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का ऐलान किया था। उन्होंने कहा था कि भारत, चीन, रूस, इराक और पाकिस्तान जैसे मित्र देशों के जहाजों को सुरक्षित मार्ग प्रदान किया जा रहा है।
पहले भी सुरक्षित पहुंचे कई टैंकर
गौरतलब है कि हालिया तनाव के बावजूद भारत के लिए कई अहम तेल और गैस टैंकर सुरक्षित पहुंच चुके हैं। इनमें एमटी शिवालिक, एमटी नंदा देवी और जग लाडकी जैसे जहाज शामिल हैं। अब ‘जग वसंत’ के पहुंचने से देश की ऊर्जा सुरक्षा को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।