दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) से जुड़े कर्मचारियों ने सोमवार से राज्यभर में आंदोलन की शुरुआत कर दी। विभिन्न जिलों में कर्मचारी सिविल सर्जन कार्यालयों के बाहर धरना देकर अपनी मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित करने की कोशिश कर रहे हैं। यूनियन ने साफ कहा है कि जब तक ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, आंदोलन जारी रहेगा।
लंबे समय से लंबित मुद्दों पर बढ़ा असंतोष
कर्मचारियों का कहना है कि सेवा संबंधी कई मामलों को लेकर लंबे समय से प्रशासन और सरकार के समक्ष बात रखी जा रही थी, लेकिन अब तक अपेक्षित समाधान नहीं निकल पाया। इसी कारण कर्मचारियों ने सामूहिक रूप से आंदोलन का रास्ता चुना है।
जिलों में धरनों के जरिए बढ़ाया जाएगा दबाव
आंदोलन के पहले दिन कई जिलों में कर्मचारी संगठनों ने धरना कार्यक्रम शुरू किया। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगों को दोहराते हुए प्रशासन तक संदेश पहुंचाने का प्रयास किया। आने वाले दिनों में विरोध कार्यक्रमों को और व्यापक रूप देने की तैयारी भी की जा रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर पड़ सकता है असर
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यदि बातचीत आगे नहीं बढ़ती तो आंदोलन का दायरा बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कुछ कार्य प्रभावित होने की आशंका भी जताई जा रही है, हालांकि आवश्यक सेवाओं को लेकर अलग व्यवस्था बनाए रखने की बात भी सामने आई है।
सरकार से जल्द समाधान की उम्मीद
यूनियन पदाधिकारियों ने कहा कि उनका उद्देश्य सेवाएं बाधित करना नहीं बल्कि अपनी मांगों का समाधान करवाना है। वहीं स्वास्थ्य विभाग की ओर से भी स्थिति पर नजर रखने और बातचीत के माध्यम से रास्ता निकालने की संभावना जताई जा रही है।