दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
नीट परीक्षा विवाद को लेकर शनिवार को जालंधर में बड़ी संख्या में छात्र जिला प्रशासन के खिलाफ सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों ने DC कार्यालय के बाहर एकत्र होकर हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता की मांग उठाई। छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ने की मांग की और कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, आंदोलन जारी रहेगा।

प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने रचनात्मक पोस्टरों और नारों के जरिए अपनी नाराजगी जताई। कई बैनरों पर परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग के साथ उन छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी गई, जिन्होंने कथित तौर पर परीक्षा संबंधी तनाव के कारण अपनी जान गंवाई।

स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन ने DC कॉम्प्लेक्स और आसपास के क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। पुलिस बल तैनात किया गया और संवेदनशील स्थानों पर बैरिकेड लगाकर आवाजाही पर नजर रखी गई।
इस बीच, भारतीय किसान यूनियन (उगराहां) ने भी छात्रों के आंदोलन का समर्थन करने का फैसला लिया है। संगठन के अध्यक्ष जोगिंदर सिंह उगराहां ने घोषणा की कि 27 जुलाई को किसान दिल्ली रवाना होंगे और जंतर-मंतर पर चल रहे छात्र आंदोलन में शामिल होकर उनके समर्थन में आवाज बुलंद करेंगे। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगों को लेकर किसानों का संघर्ष भी उनके साथ रहेगा।