दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने एक बार फिर दुनिया के सबसे अहम तेल मार्ग हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर आवाजाही रोकने का दावा किया है। इस घटनाक्रम ने वैश्विक तेल बाजार और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं बढ़ा दी हैं।
हालांकि भारत के लिए राहत की खबर यह रही कि तीन भारतीय झंडे वाले बड़े तेल टैंकर इस फैसले से पहले ही सुरक्षित रूप से हॉर्मुज मार्ग पार कर चुके थे। केंद्रीय जहाजरानी मंत्रालय के अनुसार इन जहाजों में बड़ी मात्रा में कच्चा तेल था और भारतीय चालक दल भी सुरक्षित है।
तेल सप्लाई पर नजर, सरकार अलर्ट मोड में
हॉर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति की दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। ऐसे में किसी भी प्रकार की बाधा का असर तेल कीमतों, माल ढुलाई और आयात करने वाले देशों पर पड़ सकता है। भारत भी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
बाजार में अनिश्चितता बढ़ी
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है तो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। फिलहाल कई जहाज कंपनियां और बीमा एजेंसियां स्थिति सामान्य होने का इंतजार कर रही हैं।