दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
बदियाना कलां गांव में डॉ. भीमराव आंबेडकर की प्रतिमा को क्षति पहुंचाए जाने के विरोध में आयोजित प्रदर्शन के दौरान स्थिति उस समय बिगड़ गई, जब भाजपा और बसपा से जुड़े कार्यकर्ता आपस में उलझ गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की शुरू हो गई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने बीच-बचाव कर स्थिति को संभाला।

प्रतिमा क्षतिग्रस्त होने से पहले ही बना था तनाव
बदियाना कलां में आंबेडकर की प्रतिमा को नुकसान पहुंचने की घटना के बाद राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों में रोष था। इसी मामले को लेकर प्रदर्शन किया जा रहा था। बड़ी संख्या में समर्थकों के पहुंचने के कारण मौके पर माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ था।
कहासुनी के बाद बढ़ी बात
प्रदर्शन के दौरान भाजपा और बसपा कार्यकर्ताओं के बीच किसी मुद्दे को लेकर बहस शुरू हुई। शुरुआती कहासुनी कुछ ही देर में तीखी नोकझोंक में बदल गई। इसके बाद दोनों ओर से धक्का-मुक्की होने लगी। घटना के दौरान मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

विजय सांपला से भी धक्का-मुक्की
प्रदर्शन में मौजूद पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं भाजपा नेता विजय सांपला के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की होने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि इस दौरान उन्हें चोट लगी और नाक के पास से खून निकला। उनकी गर्दन पर खरोंच आने की बात भी सामने आई है।
प्रतिमा को पत्थर से नुकसान पहुंचाने का आरोप
स्थानीय स्तर पर सामने आई जानकारी के मुताबिक आंबेडकर की प्रतिमा पर पत्थर फेंके गए थे, जिससे प्रतिमा के चेहरे और एक उंगली को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू कर दी है।
पुलिस ने संभाला मोर्चा
प्रदर्शन के दौरान विवाद बढ़ने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों पक्षों को अलग किया। किसी भी तरह की दोबारा झड़प न हो, इसके लिए इलाके में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई गई है। पुलिस अब प्रतिमा को नुकसान पहुंचाने की घटना और प्रदर्शन के दौरान हुई हाथापाई, दोनों पहलुओं की जांच कर रही है।