दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
चंडीगढ़: सरकारी दफ्तरों में काम अटकने और एक ही काम के लिए बार-बार चक्कर लगाने की परेशानी को कम करने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। राइट टू सर्विस एक्ट के तहत अधिसूचित 556 सरकारी सेवाओं के लिए समय सीमा निर्धारित कर दी गई है। 4 अक्टूबर से लागू व्यवस्था के तहत संबंधित विभागों को तय अवधि में नागरिकों के आवेदन पर कार्रवाई करनी होगी।
सेवा देने में देरी अब अधिकारियों के लिए पड़ेगी भारी
नई व्यवस्था का सबसे बड़ा असर सरकारी अधिकारियों की जवाबदेही पर पड़ेगा। किसी नागरिक का काम निर्धारित समय में पूरा नहीं होने पर संबंधित अधिकारी से जवाब मांगा जा सकता है। नियमों के तहत लापरवाही सामने आने पर जुर्माने के साथ विभागीय कार्रवाई का प्रावधान भी रखा गया है।
आवेदन करने के बाद समय सीमा जान सकेंगे लोग
राइट टू सर्विस व्यवस्था के तहत नागरिकों को यह जानकारी पहले से उपलब्ध रहेगी कि उनके आवेदन का निपटारा कितने समय में होना चाहिए। इससे आवेदन लंबित रहने की स्थिति में नागरिक यह पता कर सकेंगे कि देरी सामान्य प्रक्रिया का हिस्सा है या निर्धारित समय सीमा का उल्लंघन।
बिजली शिकायत से बिल्डिंग प्लान तक सेवाएं शामिल
नई व्यवस्था का दायरा केवल एक विभाग तक सीमित नहीं है। बिजली, नगर निगम, पुलिस, एस्टेट ऑफिस, स्वास्थ्य, शिक्षा और फायर विभाग समेत कई सरकारी संस्थानों की सेवाओं को इसमें शामिल किया गया है। बिजली से संबंधित शिकायतों, नए कनेक्शन, फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र, भवन नक्शे की मंजूरी और जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र जैसी सेवाओं को समयबद्ध तरीके से उपलब्ध कराने का प्रावधान है।
कुछ सेवाओं के लिए 7 से 40 दिन तक की समय सीमा
अधिसूचित सेवाओं के लिए अलग-अलग समय निर्धारित किया गया है। बिजली बिल से जुड़ी शिकायत का निपटारा 7 दिन में किया जाना है। फायर सेफ्टी सर्टिफिकेट के लिए 30 दिन और बिल्डिंग प्लान की मंजूरी के लिए 40 दिन तक की अवधि निर्धारित है। नए बिजली कनेक्शन के मामले में समय सीमा कनेक्शन की श्रेणी और क्षेत्र के हिसाब से तय होगी।
काम नहीं हुआ तो दो स्तर पर अपील का अधिकार
यदि निर्धारित अवधि बीतने के बावजूद नागरिक को सेवा नहीं मिलती है, तो वह संबंधित विभाग के प्रथम अपीलीय अधिकारी के पास मामला उठा सकता है। वहां से भी समाधान नहीं मिलने पर द्वितीय अपीलीय अधिकारी के समक्ष अपील की जा सकती है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य सरकारी स्तर पर लंबित मामलों के लिए जवाबदेही की स्पष्ट व्यवस्था बनाना है।
अंतिम राहत के लिए आयोग का रास्ता खुला
दोनों अपीलीय स्तरों पर समाधान नहीं मिलने की स्थिति में नागरिक चंडीगढ़ राइट टू सर्विस कमीशन में अपील या रिवीजन दाखिल कर सकता है। इस तरह आवेदन से लेकर अंतिम अपील तक पूरी प्रक्रिया में जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका तय रहेगी।
556 सेवाओं की सूची ऑनलाइन उपलब्ध
प्रशासन की ओर से अधिसूचित सभी 556 सेवाओं की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराई गई है। इसमें संबंधित सेवा, निर्धारित समय सीमा और जिम्मेदार अधिकारियों से जुड़ी जानकारी शामिल है। प्रशासन का उद्देश्य है कि नागरिकों को सरकारी सेवाओं के लिए अनावश्यक देरी और बार-बार कार्यालयों के चक्कर से राहत मिले।