दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर निर्वाचन विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में 12 नवंबर 2026 से राज्य में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (EVM) और वोटर वेरिफिएबल पेपर ऑडिट ट्रेल (VVPAT) की फर्स्ट लेवल चेकिंग (FLC) शुरू की जाएगी। इस प्रक्रिया के तहत चुनाव में इस्तेमाल होने वाली मशीनों की निर्धारित तकनीकी जांच की जाएगी, ताकि मतदान से पहले उनकी कार्यप्रणाली सुनिश्चित की जा सके।
चुनाव अधिकारियों को दिया गया प्रशिक्षण
EVM और VVPAT की जांच को लेकर अधिकारियों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला आयोजित की गई। इसमें जिला चुनाव अधिकारियों, अतिरिक्त जिला चुनाव अधिकारियों, FLC नोडल अधिकारियों और मास्टर ट्रेनरों ने हिस्सा लिया। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) के विशेषज्ञ इंजीनियरों ने मशीनों की जांच से संबंधित तकनीकी प्रक्रियाओं की जानकारी दी। कार्यशाला के दौरान प्रैक्टिकल प्रदर्शन के माध्यम से भी अधिकारियों को जांच के विभिन्न पहलुओं से अवगत कराया गया।
मशीनों की कार्यप्रणाली पर रहेगा फोकस
फर्स्ट लेवल चेकिंग चुनाव प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसमें EVM के संचालन और VVPAT की कार्यप्रणाली की निर्धारित मानकों के अनुसार जांच की जाती है। VVPAT के माध्यम से मतदाता अपने वोट से संबंधित कागजी पर्ची को पारदर्शी खिड़की में देख सकता है। जांच का उद्देश्य चुनाव से पहले मशीनों की तकनीकी स्थिति सुनिश्चित करना और संभावित खामियों की पहचान करना है।
जिला चुनाव अधिकारियों की रहेगी निगरानी
राज्य के संबंधित जिलों में यह प्रक्रिया निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार पूरी की जाएगी। जिला चुनाव अधिकारियों और संबंधित नोडल अधिकारियों की निगरानी में जांच का संचालन होगा। अधिकारियों को निर्धारित प्रोटोकॉल का पालन करने और प्रक्रिया में पारदर्शिता बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
प्रवर्तन एजेंसियों के साथ भी हुई समीक्षा
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों को लेकर निर्वाचन विभाग ने केंद्रीय और राज्य की प्रवर्तन एजेंसियों के प्रतिनिधियों के साथ भी समीक्षा की। बैठक में चुनावी तैयारियों और संबंधित एजेंसियों की भूमिका पर चर्चा की गई। चुनाव से पहले प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर व्यवस्थाओं को मजबूत करना इस तैयारी का प्रमुख हिस्सा है।
जालंधर में किन बिंदुओं पर रहेगी नजर?
जालंधर जिले में इस प्रक्रिया को लेकर जिला चुनाव कार्यालय से यह जानकारी जुटाना महत्वपूर्ण होगा कि जांच किस स्थान पर कराई जाएगी, कितनी EVM और VVPAT मशीनों की जांच होनी है तथा इसके लिए कौन-से अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इसके अलावा राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों को जांच प्रक्रिया की सूचना देने और जांच पूरी होने की समयसीमा से संबंधित जानकारी भी स्थानीय स्तर पर महत्वपूर्ण रहेगी।