पोस्टमॉर्टम रोककर न्याय की मांग, परिवार का कड़ा रुख, परिवार ने अंतिम संस्कार से किया इनकार
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
वेयरहाउस के डिस्ट्रिक्ट मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा के सुसाइड मामले ने पंजाब की सियासत को गरमा दिया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर और परिवार ने साफ कर दिया है कि जब तक इस मामले में नामजद पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर और उनके पिता की गिरफ्तारी नहीं होती, तब तक पोस्टमॉर्टम और अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।
पत्नी ने लगाए गंभीर आरोप
अमृतसर में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उपिंदर कौर ने कहा कि उनके परिवार को लगातार धमकियां मिल रही थीं। उन्होंने बताया कि बच्चों की सुरक्षा के चलते उन्हें मामा के घर भेजना पड़ा, जबकि वह खुद भी ड्यूटी के बाद मायके चली जाती थीं।
बयान (पत्नी उपिंदर कौर):
“भुल्लर ने मेरे पति को धमकाया कि गैंगस्टर मेरे पाले हुए हैं। तेरे पूरे परिवार को खत्म करने के लिए एक इशारा ही काफी है। अगर तू मेरे नियमों को नहीं मान सकता तो तुझे जिंदा रहने का हक नहीं, तू जहर खा ले।”
वहीं मृतक की मां ने भी गहरा दुख जताते हुए कहा कि उनके बेटे के साथ अन्याय हुआ है और जिम्मेदार लोगों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
FIR के बाद बढ़ा सियासी घमासान, विरोध में उतरे दल
पूर्व मंत्री सहित तीन पर केस दर्ज
शनिवार देर रात अमृतसर के रणजीत एवेन्यू थाने में पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर, उनके पिता सुखदेव भुल्लर और पीए दिलबाग के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया। पुलिस अब मामले की जांच में जुटी हुई है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दी प्रतिक्रिया
“भ्रष्टाचार के प्रति हमारी जीरो टॉलरेंस नीति है। अगर कोई किसी को इस हद तक मजबूर करता है कि वह अपनी जान ले ले, तो यह गंभीर जांच का विषय है। कानून सबके लिए एक समान है और अपना काम कर रहा है।”
विपक्ष का प्रदर्शन, पुलिस से झड़प
इस मामले को लेकर चंडीगढ़ में भाजपा, कांग्रेस और अकाली दल के नेताओं व कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान बैरिकेडिंग तोड़ी गई और पुलिस के साथ धक्का-मुक्की हुई। स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस को वाटर कैनन का इस्तेमाल करना पड़ा और कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया।
सरकार पर बढ़ा दबाव
इस पूरे घटनाक्रम के बीच आम आदमी पार्टी सरकार पर दबाव बढ़ता जा रहा है। पहले ही पूर्व मंत्री से इस्तीफा लिया जा चुका है, लेकिन परिवार की सख्त मांग और विपक्ष के विरोध के चलते मामला और तूल पकड़ता जा रहा है।