दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
देश में बढ़ती महंगाई और वैश्विक ऊर्जा संकट के बीच केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए पेट्रोल और डीजल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी में भारी कटौती कर दी है। नए फैसले के मुताबिक, पेट्रोल पर एक्साइज ड्यूटी 13 रुपये प्रति लीटर से घटाकर 3 रुपये कर दी गई है, जबकि डीजल पर इसे 10 रुपये से सीधे शून्य कर दिया गया है। इस फैसले से आम लोगों को आने वाले दिनों में ईंधन की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
सरकार ने इसके साथ ही विमानन टरबाइन ईंधन (ATF) के लिए नया टैक्स ढांचा भी लागू किया है। नए नियमों के तहत एटीएफ पर 50 रुपये प्रति लीटर का विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क लगाया गया है। हालांकि, विभिन्न छूट प्रावधानों के चलते प्रभावी दर लगभग 29.5 रुपये प्रति लीटर रह जाएगी। माना जा रहा है कि इससे एविएशन सेक्टर पर मिश्रित असर पड़ेगा।
इस फैसले के पीछे अंतरराष्ट्रीय हालात एक बड़ा कारण माने जा रहे हैं। अमेरिका, इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य पर असर के कारण वैश्विक ऊर्जा सप्लाई प्रभावित हुई है। यह समुद्री मार्ग दुनिया की करीब 20 प्रतिशत तेल आपूर्ति का प्रमुख रास्ता है, ऐसे में किसी भी तरह की रुकावट का सीधा असर कीमतों पर पड़ता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एक्साइज ड्यूटी में कमी से तेल कंपनियों पर लागत का दबाव घटेगा और वे कीमतों को नियंत्रित रखने में सक्षम होंगी। भारत पहले इस मार्ग से अपने कुल कच्चे तेल का 12-15 प्रतिशत आयात करता था, इसलिए मौजूदा हालात में यह राहत भरा कदम माना जा रहा है।
हालांकि, इसी बीच रूस समर्थित नायरा एनर्जी ने पेट्रोल और डीजल के दामों में हाल ही में बढ़ोतरी की है। फिलहाल अन्य कंपनियों ने कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है, लेकिन प्रीमियम पेट्रोल के रेट जरूर बढ़ाए गए हैं। आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति पर सभी की नजर बनी रहेगी।