दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठने जा रहा है। अमेरिकी कंपनी GE Aerospace और भारत की Hindustan Aeronautics Limited (HAL) के बीच F414 फाइटर जेट इंजन के को-प्रोडक्शन को लेकर लंबे समय से चल रही बातचीत अब निर्णायक मोड़ पर पहुंच गई है। ताजा जानकारी के अनुसार, दोनों कंपनियों ने तकनीकी पहलुओं पर सहमति बना ली है और समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जा सकता है।
यह परियोजना 2023 में प्रधानमंत्री Narendra Modi की अमेरिका यात्रा के दौरान शुरू हुई थी। तब से लेकर अब तक तकनीक हस्तांतरण (ToT) और उत्पादन से जुड़े मुद्दों पर गहन चर्चा चल रही थी, जिसमें अब बड़ी प्रगति हुई है।
तेजस इंजन रिपेयर अब देश में ही
इस प्रगति के साथ एक और अहम फैसला लिया गया है। GE एयरोस्पेस और भारतीय वायुसेना के बीच हुए नए समझौते के तहत HAL Tejas लड़ाकू विमान के F404-IN20 इंजन की मरम्मत अब भारत में ही की जाएगी। इसके लिए देश में एक विशेष डिपो स्थापित किया जाएगा, जिसका संचालन वायुसेना करेगी, जबकि तकनीकी सहायता GE द्वारा दी जाएगी।
अब तक इन इंजनों को मरम्मत के लिए विदेश भेजना पड़ता था, जिससे समय और लागत दोनों बढ़ते थे। नए सिस्टम से यह प्रक्रिया तेज और अधिक प्रभावी हो जाएगी।
ऑपरेशनल क्षमता में होगा इजाफा
नई व्यवस्था लागू होने के बाद वायुसेना को बड़ा लाभ मिलेगा। इंजन खराब होने की स्थिति में तेजी से मरम्मत संभव होगी, जिससे अधिक संख्या में विमान हर समय ऑपरेशन के लिए तैयार रहेंगे। इससे मिशन रेडीनेस और रणनीतिक ताकत दोनों में सुधार होगा।
आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन को बढ़ावा
यह डील भारत के ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ मिशन को मजबूती देगी। देश में ही इंजन निर्माण और मेंटेनेंस से विदेशी निर्भरता कम होगी और स्थानीय तकनीकी विशेषज्ञता विकसित होगी। GE एयरोस्पेस पहले ही भारत में बड़े पैमाने पर इंजीनियरों को प्रशिक्षण दे चुकी है, जिससे इस प्रोजेक्ट को और गति मिलेगी।
दशकों पुराना सहयोग, अब नई ऊंचाई पर
भारत और GE एयरोस्पेस के बीच करीब 40 वर्षों से साझेदारी रही है। कंपनी के इंजन कई अहम प्लेटफॉर्म जैसे Boeing P-8I, MH-60R Seahawk और AH-64 Apache में उपयोग हो रहे हैं। इसके अलावा INS Vikrant जैसे रणनीतिक प्लेटफॉर्म में भी GE की तकनीक शामिल है।
यह समझौता भारत को रक्षा निर्माण के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर उसकी स्थिति को और मजबूत करेगा।