उत्तराधिकारी की नियुक्ति तक पद पर बने रहेंगे विल्सन, जून 2026 में आ सकती है अहमदाबाद प्लेन क्रैश रिपोर्ट
दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
टाटा ग्रुप की एयरलाइन कंपनी एअर इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) और प्रबंध निदेशक (MD) कैंपबेल विल्सन ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उनका यह फैसला ऐसे समय में सामने आया है जब एयरलाइन कई बड़े ऑपरेशनल और वित्तीय दबावों का सामना कर रही है।
न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, पिछले हफ्ते हुई कंपनी की बोर्ड बैठक में उनका इस्तीफा स्वीकार कर लिया गया। हालांकि, विल्सन तब तक अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहेंगे, जब तक नए CEO की नियुक्ति की प्रक्रिया पूरी नहीं हो जाती। रिपोर्ट्स के अनुसार, वह सितंबर 2026 तक पद छोड़ सकते हैं।
कैंपबेल विल्सन को साल 2022 में एअर इंडिया का CEO नियुक्त किया गया था और उनका कार्यकाल जुलाई 2027 तक तय था। अब कंपनी ने नए CEO की तलाश भी शुरू कर दी है। माना जा रहा है कि अहमदाबाद प्लेन क्रैश की फाइनल जांच रिपोर्ट आने के बाद ही नए प्रमुख की नियुक्ति की जाएगी, जो जून 2026 तक आने की संभावना है।
विल्सन के कार्यकाल के दौरान एअर इंडिया ने कई बड़े बदलाव देखे। विस्तारा का एयर इंडिया में मर्जर हुआ, बेड़े का विस्तार किया गया और कई व्यस्त मेट्रो रूट्स पर कंपनी ने मार्केट लीडर इंडिगो को कड़ी टक्कर दी।
हालांकि, वैश्विक सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण एयरलाइन को विमान डिलीवरी में देरी का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही पुराने विमानों के रिफर्बिशमेंट का काम भी प्रभावित हुआ, जिससे कंपनी के आधुनिकीकरण की रफ्तार धीमी पड़ गई। इन चुनौतियों का असर ऑपरेशन परफॉर्मेंस, सर्विस क्वालिटी और समय पर उड़ानों (पंक्चुएलिटी) पर भी साफ दिखाई दिया।
बताया जा रहा है कि इन हालातों से टाटा ग्रुप के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन भी संतुष्ट नहीं थे। उन्होंने यूके और अमेरिका की दो बड़ी अंतरराष्ट्रीय एयरलाइंस के CEO से मुलाकात की है, जिनमें से किसी एक को विल्सन का उत्तराधिकारी बनाया जा सकता है।
वहीं, एविएशन सेक्टर में यह दूसरा बड़ा इस्तीफा है। इससे पहले इंडिगो के CEO पीटर एल्बर्स ने 10 मार्च को पद छोड़ दिया था। इंडिगो को पिछले साल गंभीर ऑपरेशनल संकट का सामना करना पड़ा था, जिसमें सैकड़ों उड़ानें रद्द हुईं और करीब 2,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ था। इसके बाद से ही एल्बर्स पर दबाव बना हुआ था।
एअर इंडिया अब नए नेतृत्व के साथ अपनी चुनौतियों से उबरने और सुधार की दिशा में आगे बढ़ने की तैयारी में है।