दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
वैश्विक स्तर पर बढ़ते तनाव, खासकर ईरान से जुड़े हालात को देखते हुए प्रधानमंत्री Narendra Modi ने 27 मार्च को देश के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस वर्चुअल मीटिंग में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai भी शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय संकट के भारत पर पड़ने वाले प्रभावों का आकलन करना रहा।
🔹 लंबा खिंचा युद्ध बना सकता है चुनौती
प्रधानमंत्री पहले ही संसद में संकेत दे चुके हैं कि अगर मौजूदा वैश्विक संघर्ष लंबा चलता है तो इसका असर अर्थव्यवस्था और ऊर्जा क्षेत्र पर पड़ सकता है। ऐसे में राज्यों को पहले से तैयार रहने और संभावित संकट से निपटने की रणनीति बनाने पर जोर दिया गया।
🔹 गैर-चुनावी राज्यों के सीएम हुए शामिल
इस बैठक में उन राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हुए जहां फिलहाल चुनाव नहीं हैं। केंद्र सरकार ने साफ किया कि मौजूदा हालात में राजनीतिक गतिविधियों से अलग हटकर प्रशासनिक तैयारी और आपसी समन्वय ज्यादा जरूरी है।
🔹 छत्तीसगढ़ में अलर्ट, स्टॉक पर्याप्त
बैठक से पहले छत्तीसगढ़ सरकार ने स्थिति स्पष्ट करते हुए कहा कि राज्य में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी का पर्याप्त भंडार उपलब्ध है। मुख्यमंत्री ने जनता से अपील की कि अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन की जमाखोरी न करें। साथ ही अधिकारियों को सप्लाई चेन सुचारू रखने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए गए हैं।
🔹 केंद्र-राज्य मिलकर करेंगे मुकाबला
प्रधानमंत्री मोदी ने दोहराया कि आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है और इससे निपटने के लिए केंद्र और राज्यों को मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कोरोना काल जैसी समन्वित रणनीति अपनाने की जरूरत पर जोर दिया। यह बैठक इसी दिशा में एक अहम पहल मानी जा रही है।