दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा
जनगणना-2027 की शुरुआत हो गई है। इस बार जनगणना दो चरणों में पूरी की जाएगी और खास बात यह है कि यह पहली बार पूरी तरह डिजिटल माध्यम से कराई जा रही है।
पहला चरण आज से शुरू होकर 30 सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी मकानों की गिनती की जाएगी। वहीं दूसरा चरण फरवरी 2027 में होगा, जिसमें जनसंख्या से जुड़े विस्तृत आंकड़े जुटाए जाएंगे। इस चरण में पहली बार जाति आधारित डेटा भी एकत्र किया जाएगा, जो आजादी के बाद पहली बार होगा (आखिरी बार 1931 में ऐसा हुआ था)।
डिजिटल और हाईटेक होगी जनगणना
इस बार जनगणना पूरी तरह हाईटेक तरीके से की जा रही है। कर्मचारी मोबाइल ऐप के जरिए सीधे स्मार्टफोन में डेटा दर्ज करेंगे।
इसके साथ ही ‘जियो-रेफरेंसिंग’ तकनीक का इस्तेमाल होगा, जिससे हर घर की लोकेशन डिजिटल मैप पर दर्ज की जाएगी। इससे न तो कोई मकान छूटेगा और न ही किसी की दो बार गिनती होगी।
लिव-इन कपल्स को भी माना जाएगा शादीशुदा
जनगणना-2027 में एक बड़ा बदलाव यह है कि लिव-इन रिलेशनशिप में रहने वाले कपल्स को भी शादीशुदा माना जाएगा। हालांकि यह तभी होगा, जब कपल खुद अपने रिश्ते को स्थायी या लंबे समय का माने।
भवन नंबर से होगी शुरुआत
गणना की शुरुआत भवन नंबर और जनगणना मकान नंबर से होगी। इसके बाद घर की संरचना, उपयोग, परिवार के सदस्यों और मुखिया से जुड़ी जानकारी जुटाई जाएगी।
🔹 जनगणना में पूछे जाने वाले सवाल (लाइनअप)
- घर के फर्श, दीवार और छत में किस प्रकार की सामग्री इस्तेमाल हुई है?
- घर का उपयोग क्या है और उसकी स्थिति कैसी है?
- परिवार में सामान्य रूप से रहने वाले लोगों की संख्या कितनी है?
- परिवार के मुखिया का नाम, लिंग और उनका समुदाय (SC/ST/अन्य) क्या है?
- मकान का मालिकाना हक क्या है (अपना या किराए का)?
- घर में पीने का पानी, बिजली जैसी सुविधाएं कैसी हैं?
- परिवार के पास कौन-कौन से वाहन (साइकिल, स्कूटर, कार आदि) हैं?
- परिवार में मुख्य रूप से कौन सा अनाज (सीरियल) खाया जाता है?
- घर में कितने विवाहित जोड़े रहते हैं? (लिव-इन कपल्स का नियम यहीं लागू होगा)
- मकान नंबर और बिल्डिंग नंबर से जुड़ी जानकारी
इन 3 सवालों का जवाब देने से बचें
- आपकी आमदनी, सैलरी या बैंक बैलेंस
- आधार, पैन या कोई पहचान पत्र दिखाने का दबाव
- बैंक डिटेल, खाता नंबर या OTP