दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर (सतपाल शर्मा)
वैश्विक स्तर पर जारी तनाव के बीच एक बार फिर स्वास्थ्य जगत से चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। कोविड-19 का एक नया रूप सामने आया है, जिसे ‘सिकाडा’ वैरिएंट के नाम से पहचाना जा रहा है। यह नया स्ट्रेन धीरे-धीरे कई देशों में अपनी मौजूदगी दर्ज करा रहा है, जिससे वैज्ञानिकों और स्वास्थ्य एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है।
धीरे-धीरे फैल रहा नया वैरिएंट, कई देशों में पहुंचा
जानकारों के अनुसार यह नया वैरिएंट बीते कुछ महीनों में अलग-अलग हिस्सों में फैल चुका है। खास बात यह है कि इसका प्रसार तेज होने के बजाय चुपचाप हो रहा है, जिससे इसे ट्रैक करना चुनौतीपूर्ण बन गया है। कई देशों में इसके संकेत मिलने के बाद निगरानी बढ़ा दी गई है।
अमेरिका में बढ़ी निगरानी, सीवेज जांच में मिले संकेत
अमेरिका में इस वैरिएंट की मौजूदगी का पता सीवेज मॉनिटरिंग के जरिए चला है। वैज्ञानिकों का कहना है कि इस तरह की जांच से संक्रमण के फैलाव का शुरुआती अंदाजा मिल जाता है। अलग-अलग राज्यों में इसके संकेत मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है।
ओमिक्रॉन परिवार से जुड़ा, लेकिन काफी अलग
विशेषज्ञों के मुताबिक यह नया वैरिएंट ओमिक्रॉन परिवार से संबंधित जरूर है, लेकिन इसमें कई नए बदलाव देखे गए हैं। यही वजह है कि इसकी प्रकृति और प्रभाव को लेकर अभी स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है।
स्पाइक प्रोटीन में ज्यादा बदलाव, बढ़ी चिंता
वैज्ञानिकों ने पाया है कि इस वैरिएंट के स्पाइक प्रोटीन में असामान्य रूप से अधिक परिवर्तन हुए हैं। यही हिस्सा वायरस को शरीर में प्रवेश करने में मदद करता है। अधिक बदलाव होने की वजह से यह आशंका जताई जा रही है कि मौजूदा प्रतिरक्षा प्रणाली इसे पहचानने में कम प्रभावी हो सकती है।
भारत में फिलहाल स्थिति सामान्य, लेकिन सतर्कता जरूरी
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि भारत में फिलहाल इस वैरिएंट का बड़ा असर नहीं दिखा है, लेकिन वैश्विक फैलाव को देखते हुए सतर्क रहने की जरूरत है। हवाई अड्डों और अन्य प्रवेश बिंदुओं पर निगरानी बढ़ाने की सलाह दी जा रही है।
घबराने नहीं, सावधानी बरतने की जरूरत
डॉक्टरों का कहना है कि घबराने की बजाय सावधानी बरतना जरूरी है। भीड़-भाड़ वाले स्थानों पर सतर्क रहना, स्वच्छता बनाए रखना और स्वास्थ्य संबंधी दिशा-निर्देशों का पालन करना अभी भी सबसे प्रभावी उपाय हैं।
वैज्ञानिक जुटे अध्ययन में, जल्द मिल सकती है स्पष्ट तस्वीर
फिलहाल दुनिया भर के शोधकर्ता इस नए वैरिएंट पर अध्ययन कर रहे हैं। आने वाले समय में इसके संक्रमण की गति, गंभीरता और वैक्सीन पर प्रभाव को लेकर और जानकारी सामने आने की उम्मीद है। तब तक स्वास्थ्य एजेंसियां हालात पर नजर बनाए हुए हैं।