दोआबा न्यूजलाइन। जालंधर
पश्चिम बंगाल समेत पांच राज्यों—पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी—के विधानसभा चुनावों के एग्जिट पोल सामने आने के बाद देश की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खासतौर पर पश्चिम बंगाल को लेकर आए अनुमान चर्चा का केंद्र बने हुए हैं, जहां अधिकांश एजेंसियों ने भारतीय जनता पार्टी को बढ़त में दिखाया है। कई सर्वे में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिलने की संभावना जताई गई है, जिससे राज्य में सत्तापरिवर्तन के संकेत मिल रहे हैं।
कोलकाता में भाजपा की रणनीतिक बैठक, बड़े नेताओं की मौजूदगी संभव
चुनाव परिणाम से पहले सियासी तैयारियां भी तेज हो गई हैं। कोलकाता में भाजपा ने एक अहम बैठक बुलाने का फैसला किया है, जिसमें संगठन की आगे की रणनीति पर चर्चा की जाएगी। इस बैठक में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के शामिल होने की संभावना जताई जा रही है। इसके अलावा चुनाव के दौरान राज्य में सक्रिय रहे सांसदों, विधायकों और अन्य नेताओं को भी आमंत्रित किया गया है।
नेताओं के दावे: बंगाल और असम में बनेगी भाजपा सरकार
केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने एग्जिट पोल के बाद विश्वास जताते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल और असम दोनों राज्यों में भाजपा सरकार बनना तय है। उनके अनुसार, जनता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जताया है और पार्टी को स्पष्ट जनादेश मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि पुडुचेरी में सरकार बनने की संभावना मजबूत है, जबकि तमिलनाडु और केरल में भी पार्टी का प्रदर्शन पहले से बेहतर रहने की उम्मीद है।
वहीं भाजपा नेता राम कृपाल यादव ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल में पार्टी को दो-तिहाई बहुमत मिल सकता है। उन्होंने कहा कि राज्य की मौजूदा सरकार की वापसी की संभावना नहीं है और जनता बदलाव के पक्ष में वोट कर चुकी है।
4 मई पर टिकी नजरें
हालांकि एग्जिट पोल के अनुमानों के बीच अंतिम फैसला अब 4 मई को आने वाले नतीजों पर ही निर्भर करेगा। सभी राजनीतिक दलों और जनता की निगाहें मतगणना के दिन पर टिकी हैं, जब यह साफ हो जाएगा कि एग्जिट पोल के अनुमान सही साबित होते हैं या फिर नतीजे कोई नया राजनीतिक समीकरण पेश करेंगे।